BY
Yoganand Shrivastava
Renaming of Fazilnagar to Pawagarh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर दौरे के दौरान एक ऐतिहासिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने जिले के प्रसिद्ध ‘फाजिलनगर’ कस्बे का नाम बदलने का ऐलान करते हुए कहा कि अब इस ऐतिहासिक स्थान को ‘पावागढ़’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक की ओर से लंबे समय से इस क्षेत्र का नाम बदलने की मांग की जा रही थी, जिसे सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मंजूर कर लिया है।
Renaming of Fazilnagar to Pawagarh: ₹424 करोड़ की 278 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
इस भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर के विकास को नई रफ्तार देते हुए 424 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 278 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने जिलेवासियों को बधाई दी और कहा कि अब कुशीनगर के पास न केवल अपना अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज है, बल्कि इसी शैक्षणिक सत्र (Academic Session) से जिले में ‘कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय’ (Agricultural University) का संचालन भी शुरू होने जा रहा है।
Renaming of Fazilnagar to Pawagarh: “हमने यूपी से मच्छर और माफिया दोनों बीमारियों को किया ठीक”
मंच से विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य के मोर्चे पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश देते हुए कहा:
“जैसे उत्तर प्रदेश से हमने अपराधियों और माफिया राज का सफाया किया है, ठीक वैसे ही इस क्षेत्र से दशकों पुरानी जानलेवा बीमारी इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) को भी पूरी तरह खत्म कर दिया है। हमने प्रदेश से मच्छरों और माफियाओं, दोनों को समाप्त कर दिया। मच्छर जहाँ बीमारियाँ फैलाते थे, वहीं माफिया बेरोजगारी लाते थे। हमने इन दोनों बड़ी बीमारियों का सटीक इलाज कर दिया है।”
Renaming of Fazilnagar to Pawagarh: पहले त्योहारों पर होते थे दंगे, अब सुरक्षित है पूरा उत्तर प्रदेश
Renaming of Fazilnagar to Pawagarh: मुख्यमंत्री ने 9 से 10 साल पहले के उत्तर प्रदेश की याद दिलाते हुए कहा कि पहले कोई भी पर्व या त्योहार आता था, तो राज्य में दंगे भड़क जाते थे। पडरौना के दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में जब पीड़ित न्याय मांगने जाते थे, तो उन्हें ही जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जाता था। आज 25 वर्ष से कम उम्र के जो युवा हैं, शायद वे उस दौर की ‘जंगल पार्टी’ के आतंक से वाकिफ नहीं होंगे। पहले किसान तबाह था, सड़कें बदहाल थीं और न ही बिजली-पानी की न्यूनतम सुविधाएं थीं, लेकिन आज अपराधियों के मन में कानून का खौफ है।
Renaming of Fazilnagar to Pawagarh: डबल इंजन सरकार से मिला 90 हजार परिवारों को पक्का मकान
क्षेत्र में हुए सामाजिक और बुनियादी बदलावों के आंकड़े पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के आने के बाद अकेले कुशीनगर जिले में लगभग 90 हजार गरीब परिवारों को पक्के आवास (मकान) उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, स्वच्छता अभियान के तहत 3 लाख 14 हजार से अधिक जरूरतमंद परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण कराया गया है, जिसने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान देने का काम किया है।





