Report: Arun kumar
Janta Darshan / Public Grievance Hearing: अपने गोरखपुर प्रवास के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में पारंपरिक ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान प्रदेश के कोने- कोने से पहुंचे फरियादियों से मुख्यमंत्री ने खुद मुलाकात की और उनकी शिकायतों व समस्याओं को बेहद संजीदगी से सुना। समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए।

Janta Darshan / Public Grievance Hearing: जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी राजस्व, पुलिस और इलाज के लिए वित्तीय सहायता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक कर सभी पीड़ितों के प्रार्थना पत्र खुद अपने हाथों में लिए और अधिकारियों से कहा:
“जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ित व्यक्ति को समय पर और पारदर्शी तरीके से न्याय मिलना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों पर न हो, बल्कि धरातल पर पीड़ितों को राहत मिले।”
Janta Darshan / Public Grievance Hearing: गोरखनाथ मंदिर की गोशाला पहुंचे सीएम, दुलार कर खिलाई गुड़-रोटी
जनता दर्शन के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और सीधे परिसर में स्थित आधुनिक गोशाला पहुंचे। यहाँ हमेशा की तरह एक अलग और आत्मीय नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ने गोवंश (गायों और बछड़ों) को उनके विशेष नामों से पुकारा। आवाज सुनते ही कई गाएं दौड़ती हुई मुख्यमंत्री के समीप आ गईं और स्नेहपूर्वक उनसे लिपट गईं। सीएम योगी ने भी बड़े लाड-प्यार से अपने हाथों से गोवंश को गुड़ और ताजी रोटियां खिलाईं।

Janta Darshan / Public Grievance Hearing: भीषण गर्मी के मद्देनजर दिए छांव, पानी और हरे चारे के विशेष निर्देश
गोशाला के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां की वर्तमान व्यवस्थाओं का भी बारीकी से जायजा लिया। जून महीने की रिकॉर्ड तोड़ और भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने गोशाला के स्वयंसेवकों और प्रभारियों को विशेष हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिए कि इस चिलचिलाती धूप में गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में ठंडे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, पौष्टिक हरा चारा और धूप से बचाने के लिए पूरी तरह छायादार स्थानों की मुस्तैदी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि गोसेवा हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है, इसलिए इनकी देखरेख में कोई कमी नहीं आनी चाहिए।





