CM: मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित सदानीरा समागम में सोमवार को माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहभागिता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल का विशेष महत्व है और जल के बिना कोई भी धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण नहीं माना जाता। उन्होंने रहीम के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख करते हुए कहा कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं बल्कि संस्कृति और सभ्यता का भी मूल तत्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण के लिए व्यापक अभियान चल रहे हैं और इस क्षेत्र में मध्य प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग दो लाख जल संरचनाओं पर कार्य किया जा चुका है, जबकि बड़ी संख्या में अन्य परियोजनाओं पर काम जारी है। राज्य सरकार जल संरक्षण के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है और लाखों जल मित्रों को इस अभियान से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अनेक महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम स्थल है और राज्य की नदियां प्राकृतिक रूप से जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने जल संकट, जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम चक्र की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. यादव ने कहा कि भारत की संस्कृति “वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर आधारित है और जल संरक्षण का संदेश केवल देश तक सीमित नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएँ भविष्य में जल प्रबंधन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सदानीरा समागम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है का संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने का माध्यम बनेगा।
माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह समागम जल संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है।
इस अवसर पर वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने मुख्यमंत्री का स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों श्री जगन्नाथ सामी उच्चायुक्त फिजी गणराज्य, श्री इवागोरास वराईओ नाइडेस उच्चायुक्त सायप्रस, सुश्री वनेसा एडरियाने,कल्चर हेड मैक्सीको दूतावास के साथ माननीय मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल राज्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, भूजल बोर्ड भारत सरकार से अशोक विश्वाल उपस्थित थे।
स्वागत भाषण देते हुए
वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश आज जल संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। उन्होंने बताया कि हजारों तालाबों, कुओं, बावड़ियों और नदी तटों के संरक्षण के साथ समाज में जल के प्रति संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का भाव विकसित हो रहा है।
भारत भवन में आयोजित सात दिवसीय सदानीरा समागम में विभिन्न देशों के राजनयिकों, पर्यावरण विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और कलाकारों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में पंचमहाभूतों एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुए, जिनका दस्तावेजीकरण किया जा रहा है।
श्री तिवारी ने कहा कि कॉर्पोरेट जगत भी जल संवर्धन, संस्कृति, कृषि, गौ संरक्षण और विरासत संरक्षण जैसे विषयों पर सहयोग के लिए उत्सुक है। समागम में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों ने जल गंगा संवर्धन अभियान की सराहना करते हुए सांस्कृतिक समन्वय में रुचि व्यक्त की।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, वीर भारत न्यास और इसरो के सहयोग से तैयार किए गए भूजल एटलस अन्तर्जली यात्रा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर का भी अनावरण किया गया। यह दस्तावेज प्रदेश के विभिन्न जिलों में भूजल संरक्षण और प्रबंधन से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराएगा।





