Damaged Electric Pole हजारीबाग में मौत का दूसरा नाम बने जर्जर बिजली के पोल, मंडरा रहा है बड़ा खतरा, विभाग बेखबर

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Damaged Electric Pole

Report: Rupesh kumar das

Damaged Electric Pole अगर आप हजारीबाग शहर की सड़कों और मोहल्लों से गुजर रहे हैं, तो आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है। शहर में कई जगहों पर जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुके बिजली के खंभे (Electric Poles) खड़े हैं, जो कभी भी धराशायी होकर किसी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। बिजली विभाग की घोर उदासीनता के कारण इन खतरनाक खंभों को अब तक बदला नहीं गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों के सिर पर हर वक्त मौत का साया मंडरा रहा है।

Damaged Electric Pole 11,000 वोल्ट के नंगे तार दे रहे हैं बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण

शहर के विभिन्न इलाकों में एक दर्जन से अधिक ऐसे बिजली के पोल हैं जो नीचे से पूरी तरह खोखले या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि इन जर्जर खंभों के ऊपर से 11,000 वोल्ट (High Tension) की मुख्य लाइनें और मोटे-मोटे नंगे तार गुजर रहे हैं। चूंकि मानसून ने दस्तक दे दी है, ऐसे में तेज आंधी-पानी के दौरान इन खंभों के गिरने या तारों के टूटने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। अगर कोई पोल किसी राहगीर या वाहन पर गिरता है, तो जान-माल का बड़ा नुकसान होना तय है। इसके अलावा, कई जगहों पर पेड़ों की घनी टहनियां भी इन तारों को छू रही हैं, जिससे करंट फैलने का डर बना हुआ है।

Damaged Electric Pole ‘बिजली की आंख-मिचौली आम बात’ — स्थानीय जनता में भारी आक्रोश

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हजारीबाग में अघोषित बिजली कटौती और आंख-मिचौली वैसे भी एक आम समस्या बन चुकी है। अब इन क्षतिग्रस्त पोलों के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा कई बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद बिजली कंपनी की नींद नहीं टूटी है। मोहल्ले वासियों का आरोप है कि प्रशासन शायद किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, क्योंकि हादसा होने के बाद केवल अफसोस जताने से किसी की जान वापस नहीं आएगी।

Damaged Electric Pole अधिकारियों का रटा-रटाया जवाब: जानकारी मिली है, जल्द करेंगे दुरुस्त

जब इस गंभीर जमीनी समस्या को लेकर बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की गई, तो उनका हमेशा की तरह एक औपचारिक जवाब सामने आया। अधिकारियों का कहना है कि विभाग की कई टीमें क्षेत्र में लगातार मेंटेनेंस (रखरखाव) का काम कर रही हैं। मीडिया और स्थानीय लोगों के माध्यम से जिन जर्जर पोलों की जानकारी मिली है, उन्हें चिह्नित कर जल्द ही दुरुस्त या तब्दील कर दिया जाएगा ताकि बिजली आपूर्ति भी बाधित न हो और सुरक्षा भी बनी रहे।

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