जल संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के जीवंत मॉडल बने सुशासन शिविर में आकर्षण का केंद्र
REPORT : SUNIL KUMAR THAKUR
Agriculture Minister : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत विजयनगर में एक भव्य जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयनगर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए।’सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित इस विशेष शिविर में प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम मुख्य रूप से शामिल हुए। बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयनगर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। सुशासन तिहार के तहत आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान कृषि मंत्री ने स्वयं ग्रामीणों की समस्याओं व शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और शासन के अधिकारियों को निर्देशित कर कई मामलों का मौके पर ही त्वरित निराकरण करवाया। सुशासन तिहार के तहत आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
Agriculture Minister : जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण ही सुशासन की वास्तविक पहचान : कृषि मंत्री

शिविर को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समय पर और त्वरित निराकरण करना ही सुशासन की वास्तविक पहचान और हमारी सरकार का मुख्य संकल्प है। सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत विजयनगर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।]। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी किसानों से ‘एग्रीस्टेक’ पोर्टल में अपना पंजीकरण कराने की पुरजोर अपील की। मंत्री ने कहा कि इस पोर्टल पर पंजीयन होने से किसानों को भविष्य में विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बेहद आसानी और पारदर्शिता से मिल सकेगा।
Agriculture Minister : रासायनिक खादों को छोड़ें, प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाएं किसान
कृषि मंत्री ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। उन्होंने जैविक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा, “प्राकृतिक खेती न केवल हमारी भूमि और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बचाए रखती है, बल्कि इससे फसलों की लागत कम होती है और अंततः किसानों की आय में भी रिकॉर्ड वृद्धि होती है।” उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।
Agriculture Minister : शिविर में आकर्षण का केंद्र रहे जल संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के मॉडल
सुशासन तिहार के इस मौके पर ग्रामीणों और किसानों को जागरूक करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा जीवंत मॉडल प्रदर्शित किए गए, जो आकर्षण का केंद्र रहे, शिविर में जल संरक्षण, जैविक खेती और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े जीवंत मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे।
जल संरक्षण : भू-जल स्तर को सुधारने के लिए रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोख्ता गड्ढे का बेहतरीन मॉडल दिखाया गया।
कृषि विभाग की तकनीक : विभाग की ओर से नील-हरित शैवाल के उपयोग और आधुनिक जैविक खेती की बारीकियाँ समझाई गईं।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन : कचरे को अलग-अलग करने (कचरा पृथक्करण) और उससे उपयोगी जैविक खाद निर्माण करने के वैज्ञानिक तरीके ग्रामीणों को सिखाए गए, वहीं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरा पृथक्करण और जैविक खाद निर्माण के तरीके भी समझाए गए।
Agriculture Minister : अन्नप्राशन, गोदभराई और हितग्राही सामग्री का हुआ वितरण
इस जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नन्हे बच्चों के लिए अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं के लिए गोदभराई कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसके साथ ही, शासन की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को कृषि यंत्र व अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण कृषि मंत्री के हाथों किया गया। शिविर में रामचंद्रपुर विकासखंड के भारी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे, जहाँ जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद रहे, बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें से कई का मौके पर ही समाधान किया गया।





