BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi : भारतीय वायुसेना (IAF) की लड़ाकू क्षमता को आसमान पर ले जाने और स्क्वाड्रन की कमी को दूर करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत ने फ्रांस से 114 और राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए औपचारिक अनुरोध पत्र (LoR – Letter of Request) को अंतिम रूप दे दिया है। इस महासौदे की सबसे खास बात यह है कि आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को गति देते हुए इनमें से अधिकांश विमानों का निर्माण भारत की धरती पर ही किया जाएगा।

New Delhi ‘मेक इन इंडिया’ को रफ्तार: 90 लड़ाकू विमान भारत में ही होंगे तैयार
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सौदे के तहत कुल 114 विमानों में से करीब 90 राफेल जेट फ्रांसीसी एयरोस्पेस दिग्गज कंपनी ‘डसॉल्ट एविएशन’ (Dassault Aviation) और एक भारतीय रक्षा कंपनी की रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से भारत में ही निर्मित किए जाएंगे। इसके अलावा, शेष 24 विमान फ्रांस से सीधे ‘फ्लाई-अवे’ (उड़ान भरने के लिए तैयार) स्थिति में भारत लाए जाएंगे।

New Delhi रक्षा सौदे की प्रक्रिया और अंतिम चरण
- अनुरोध पत्र (LoR) क्या है? यह एक औपचारिक सरकारी दस्तावेज है जो अंतर-सरकारी समझौते (G2G) के तहत सैन्य हथियारों की खरीद प्रक्रिया को शुरू करने के लिए जारी किया जाता है। इसमें विमानों की तकनीकी क्षमता, कुल संख्या और विशिष्टताओं का पूरा ब्योरा होता है।
- मंजूरी का सफर: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने करीब तीन महीने पहले ही इस राफेल प्रस्ताव को अपनी हरी झंडी दे दी थी, जिसके बाद अब LoR तैयार हुआ है।
- अगला कदम: फ्रांस सरकार द्वारा विमानों की कीमत, उपलब्धता और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट की विस्तृत जानकारी देने के बाद, भारत औपचारिक रूप से ‘प्रस्ताव के लिए अनुरोध’ (RFP) जारी करेगा। दोनों देशों के बीच सघन बातचीत के बाद रक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अंतिम मंजूरी मिलते ही इस वर्ष के अंत तक अनुबंध पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
New Delhi वायुसेना प्रमुख और प्रधानमंत्री का आगामी फ्रांस दौरा
New Delhi यह बड़ी रक्षा डील ऐसे समय में आगे बढ़ रही है जब अगले महीने (जून) की शुरुआत में ही भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह फ्रांस के आधिकारिक दौरे पर जाने वाले हैं। इसके साथ ही, जून के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी फ्रांस दौरे पर जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, जिससे इस सौदे को और गति मिलेगी।
भारतीय सेनाओं का राफेल बेड़ा: भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही 36 राफेल लड़ाकू विमानों का एक मजबूत बेड़ा मौजूद है, जो अंबाला और हासिमारा एयरबेस पर तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय नौसेना (Indian Navy) भी अपने विमानवाहक पोतों (Aircraft Carriers) के संचालन के लिए अगले कुछ वर्षों में 26 ‘राफेल-एम’ (समुद्री संस्करण) विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया में है।
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