रिपोर्टर: अमित जड़िया
Panna : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले का मड़ला थाना एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आए हैं, जहां पुलिसकर्मियों पर एक निर्दोष व्यापारी को मादक पदार्थों की तस्करी (NDPS एक्ट) के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर अवैध रूप से मोटी रकम वसूलने का सनसनीखेज आरोप लगा है। रीवा के एक पीड़ित व्यापारी की लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक (SP) निवेदिता नायडू ने त्वरित जांच के आदेश दिए। मामले में प्रथम दृष्टया दोष सिद्ध होने पर एसपी ने मड़ला थाना प्रभारी (TI) समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

Panna गाड़ी में ‘गांजा’ होने का किया दावा, डरा-धमकाकर डिजिटल ट्रांजैक्शन से ऐंठे पैसे
Panna यह पूरा मामला 14 मई का बताया जा रहा है। रीवा जिले के तिरहती निवासी व्यापारी मोहनलाल सोनी किसी निजी कार्य से खजुराहो जा रहे थे। इसी दौरान मड़ला थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के बहाने उनकी गाड़ी को रोका। पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि तलाशी के दौरान पुलिसकर्मियों ने जबरन दावा किया कि उनकी गाड़ी में गांजा है और उन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया जाएगा। जेल जाने और बदनामी के डर से जब व्यापारी सहम गया, तो पुलिसकर्मियों ने मामले को रफा-दफा करने का सौदा किया। दबाव में आकर पीड़ित व्यापारी ने दो बार में ‘फोन-पे’ (PhonePe) डिजिटल वॉलेट के जरिए कुल 95 हजार रुपये पुलिसकर्मियों द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए।

Panna एसपी निवेदिता नायडू का कड़ा एक्शन: थाना प्रभारी रचना पटेल सहित तीन निलंबित
पैसे ऐंठने के बाद जब पुलिस ने व्यापारी को छोड़ा, तो उन्होंने हिम्मत जुटाकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत पन्ना एसपी निवेदिता नायडू से की। भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के इस गंभीर मामले पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से वरिष्ठ अधिकारियों को जांच सौंपी। डिजिटल ट्रांजैक्शन के साक्ष्य और प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रज्जाक खान और आरक्षक (कांस्टेबल) रामशरण को सस्पेंड कर दिया।

Panna पहले भी विवादों में रहा मड़ला थाना, कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल
मड़ला थाने का विवादों से पुराना नाता रहा है और इस घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। बता दें कि अभी कुछ ही दिन पहले इसी थाने के स्टाफ का एक रिटायर्ड डीएसपी (DSP) के साथ बदतमीजी करने का मामला सामने आया था। उस दौरान भी वाहन चेकिंग के नाम पर रिटायर्ड डीएसपी और मड़ला थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों के बीच सड़क पर ही हाई-वोल्टेज ड्रामा और तीखी बहस हुई थी। लगातार सामने आ रहे इन विवादों के बाद अब क्षेत्र की जनता पुलिसिंग के इस रवैये को लेकर काफी आक्रोशित है।





