Moradabad: सरकारी स्कूल में बच्चों से धुलवाए बर्तन, कमियां छिपाने के लिए शिक्षकों ने पत्रकारों से की अभद्रता

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Moradabad

Report: danveer

Moradabad जिले के बिलारी विकासखंड के गांव कमालपुर चांदोरा स्थित एक सरकारी स्कूल का शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में स्कूल ड्रेस पहने छोटे बच्चे बर्तन धोते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, जब मीडियाकर्मी इस मामले की पड़ताल करने पहुंचे, तो शिक्षकों ने अपनी कमियां छिपाने के लिए अभद्रता की सारी हदें पार कर दीं।

Moradabad सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘बाल मजदूरी’ का वीडियो

शनिवार सुबह लगभग 10:35 बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि विद्यालय के बच्चे पढ़ाई छोड़कर मिड-डे मील के बर्तन धोने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। जब इस वायरल वीडियो की पुष्टि करने और विद्यालय की स्थिति जानने के लिए टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा और भी चौंकाने वाला था।

Moradabad पत्रकारों को रोका, शासनादेश का दिया हवाला

वीडियो की सच्चाई जानने पहुंचे पत्रकारों के साथ स्कूल के अध्यापकों ने न केवल बदतमीजी की, बल्कि उन्हें स्कूल परिसर में प्रवेश करने से भी रोक दिया। अपनी कमियां और बच्चों से कराए जा रहे कार्यों को छिपाने के लिए शिक्षकों ने दावा किया कि ‘शासनादेश’ है कि पत्रकारों को स्कूल में घुसने की अनुमति नहीं है। शिक्षकों का यह आक्रामक रवैया और अभद्र भाषा यह साफ दर्शा रही थी कि वे अपनी गलतियों पर पर्दा डालना चाहते हैं।

Moradabad BSA मुरादाबाद का सख्त रुख: “पत्रकार स्वतंत्र हैं, दोषी शिक्षकों पर होगी कार्रवाई”

Moradabad इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया:

  • खंड शिक्षा अधिकारी (ABSA) विकास कुमार ने फोन पर बताया कि वे फिलहाल मीटिंग में हैं, लेकिन यदि इस प्रकार की कोई तस्वीर या वीडियो सामने आया है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
  • बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) मुरादाबाद ने इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी शासनादेश नहीं है जो पत्रकारों को स्कूल में प्रवेश से रोके। उन्होंने कहा:”पत्रकार स्वतंत्र हैं और वे स्कूल जा सकते हैं। यदि कोई अध्यापक अपनी कमियां छिपाने के लिए सरकार या विभाग के नाम पर किसी को डराने या धमकाने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बर्तन धोने के मामले की जांच कराई जा रही है।”

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