Bhopal मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित ‘कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155253 और ‘मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड’ का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं हेल्पलाइन पर बात कर इसकी कार्यप्रणाली को परखा और इसे किसान हित में एक क्रांतिकारी कदम बताया।

Bhopal 16 विभागों का संगम: खेती को लाभ का धंधा बनाने की नई पहल
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। अब कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसे 16 विभाग एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। डॉ. यादव ने बताया कि सहकारी समितियों (पैक्स) में सदस्यता बढ़ाने का महा-अभियान शुरू किया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक का समावेश कर लागत घटाना और आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Bhopal दूध क्रांति और गेहूं के दामों में ऐतिहासिक वृद्धि
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हो रही ‘दूध क्रांति’ का उदाहरण देते हुए कहा कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से अब किसानों को दूध पर 7 से 8 रुपये प्रति लीटर अधिक मिल रहे हैं। गेहूं के दामों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा:
“एक समय था जब दशकों तक गेहूं के दाम स्थिर रहे, लेकिन हमारी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि की है। इस वर्ष हम 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रहे हैं।” उन्होंने किसानों को फसल अवशेष (नरवाई) से भूसा बनाकर अतिरिक्त लाभ कमाने के लिए भी प्रेरित किया।
Bhopal नदी जोड़ो परियोजनाएं और जल प्रबंधन से बदलेगी तस्वीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की प्रशंसा करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी नदी जोड़ो परियोजनाओं से बुंदेलखंड और मालवा-राजस्थान के सीमावर्ती जिलों का भाग्य बदलेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह गुजरात ने नर्मदा जल के कुशल प्रबंधन से समृद्धि हासिल की, उसी मार्ग पर चलते हुए मध्य प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार बूंद-बूंद पानी का उपयोग कर खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री ने कृषि कर्मयोगियों (अधिकारियों) से आह्वान किया कि वे पूरी श्रद्धा के साथ किसानों की सेवा में जुटें।





