BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi केंद्र सरकार ने देश के करीब 1.2 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। शनिवार (18 अप्रैल) को हुई कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही अब कर्मचारियों को 58% के बजाय 60% DA मिलेगा। यह नया बदलाव 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा।

New Delhi DA बढ़ोतरी का पूरा लेखा-जोखा
सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना 6,791 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
- किसे मिलेगा फायदा: 50.5 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.3 लाख पेंशनभोगी।
- कब से लागू: 1 जनवरी 2026 (पिछला रिविजन जुलाई 2025 में हुआ था)।
- विभाग: गृह, रक्षा, रेल, वित्त और संचार मंत्रालय सहित सभी केंद्रीय विभागों के कर्मचारी।
New Delhi 8वां वेतन आयोग: ₹18,000 से ₹69,000 तक का उछाल संभव
कर्मचारी संगठन लंबे समय से 8वें वेतन आयोग के गठन और सैलरी स्ट्रक्चर में सुधार की मांग कर रहे हैं।

- न्यूनतम सैलरी: संगठनों ने मांग की है कि न्यूनतम बेसिक पे को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 किया जाए।
- फिटमेंट फैक्टर: इसके लिए 3.83 के हायर फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है (7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था)।
- टाइमलाइन: कयास लगाए जा रहे हैं कि 8वां वेतन आयोग 2026 के अंत तक अपनी सिफारिशें दे सकता है, जिसे 2028 तक पूरी तरह लागू किया जा सकता है।
New Delhi समझिए नई सैलरी का गणित (8वें वेतन आयोग के बाद)
जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो मौजूदा DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाता है और DA फिर से 0% से शुरू होता है।
| मद | 7वां वेतन आयोग (मौजूदा) | 8वां वेतन आयोग (संभावित) |
| बेसिक पे | ₹35,400 (लेवल 6) | ₹1,35,582 (फिटमेंट 3.83 पर) |
| DA (60%) | ₹21,240 | 0% (रीसेट होगा) |
| HRA (27%) | ₹9,558 | ₹36,607 |
| कुल सैलरी | ₹66,198 | ₹1,72,189 |
New Delhi आयोग की सिफारिशों के 5 मुख्य आधार
8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करते समय इन बिंदुओं को ध्यान में रखेगा:

- अर्थव्यवस्था की स्थिति: GDP ग्रोथ और सरकार की खर्च करने की क्षमता।
- विकास कार्य: सैलरी बढ़ाने से सड़क, स्कूल और अस्पतालों के बजट पर असर न पड़े।
- पेंशन का बोझ: पुरानी पेंशन स्कीम्स (नॉन-कॉन्ट्रीब्यूटरी) से सरकार पर पड़ने वाला भार।
- राज्यों पर असर: केंद्र की तर्ज पर राज्यों को भी अपना बजट रिवाइज करना होगा।
- प्राइवेट सेक्टर से तुलना: सरकारी सैलरी को बाजार की स्थितियों के अनुरूप रखना।
किसे मिलेगा लाभ?
यह लाभ केवल केंद्रीय कर्मचारियों, रेलवे, रक्षा कर्मियों और केंद्रीय संस्थानों के शिक्षकों को मिलेगा। बैंक कर्मचारियों और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए उनके संबंधित बोर्ड और राज्य सरकारें अलग से निर्णय लेते हैं।





