by: digital desk
Bhopal 11 April : भोपाल, राजधानी स्थित ज्ञानतीर्थ माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय में देश के वरिष्ठ पत्रकारों, शिक्षाविदों और संस्थानों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने भ्रमण कर भारतीय पत्रकारिता की समृद्ध विरासत को करीब से जाना। इस दौरान संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक दस्तावेजों और ज्ञान-संपदा ने सभी को प्रभावित किया।
Bhopal 11 April : ज्ञानतीर्थ माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय में आयोजित इस विशेष भ्रमण में वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु अच्युतानंद मिश्र, विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलगुरु प्रोफेसर विजय मनोहर तिवारी, सप्रे संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर, प्रोफेसर संजय द्विवेदी, स्वदेश अखबार के प्रधान संपादक राजेंद्र शर्मा, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक मुकेश कुमार मिश्र तथा एकात्म धाम के न्यासी सचिव मनीष पांडे के साथ सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Bhopal 11 April ज्ञानतीर्थ माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय में मीडिया के विकास की कहानी का अमूल्य संग्रह
Bhopal 11 April : यह भ्रमण न केवल पत्रकारिता के इतिहास को समझने का अवसर था, बल्कि देश की वैचारिक और सामाजिक धारा को जानने का भी माध्यम बना। संग्रहालय में मौजूद दुर्लभ अखबारों, दस्तावेजों और पुरानी प्रकाशन सामग्री ने भारतीय मीडिया के विकास की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
Bhopal 11 April : इस अवसर पर सप्रे संग्रहालय के संस्थापक Vijaydatta Shridhar ने संग्रहालय की स्थापना, उसके उद्देश्य और यहां संकलित ऐतिहासिक सामग्री के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह संग्रहालय पत्रकारिता के छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र है।
Bhopal 11 April : भ्रमण के दौरान सभी अतिथियों ने संग्रहालय की पहल की सराहना की और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के संग्रहालय भारतीय पत्रकारिता के इतिहास को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी को उससे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ज्ञानतीर्थ माधवराव सप्रे संग्रहालय का यह दौरा न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम था, बल्कि यह भारतीय पत्रकारिता की जड़ों को समझने और उसे सहेजने की दिशा में एक सार्थक पहल भी साबित हुआ।





