Iran US ceasefire dispute: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान की 10 शर्तों पर आधारित सीजफायर की खबरों से नाराज हो गए हैं। उन्होंने इन सभी शर्तों को झूठा, मनगढ़ंत और फर्जी करार दिया। ट्रंप ने मीडिया पर भी आरोप लगाया कि ईरान की शर्तों को लेकर झूठ फैला कर वार्ता को बाधित किया जा रहा है।
Iran US ceasefire dispute: ट्रंप का बयान, मीडिया ने पेश किया झूठा 10 सूत्री प्लान
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) April 9, 2026
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि न्यूयॉर्क टाइम्स और सीएनएन जैसे मीडिया हाउस ने ईरान वार्ता के संबंध में झूठा 10 सूत्री प्लान पेश किया। उनका कहना था कि इस योजना का उद्देश्य शांति प्रक्रिया में शामिल लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना है। ट्रंप ने इसे “मनगढ़ंत, झूठा और घिनौना” बताया और इसे ईविल लूजर्स करार दिया।
Iran US ceasefire dispute: अमेरिकी सैन्य ताकत अपनी जगह पर बनी रहेगी
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैनिक, एयरबेस और सभी सैन्य संपत्तियां पहले जैसी स्थिति में रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जहाज, विमान, अतिरिक्त हथियार और आवश्यक सामग्री, जो दुश्मन को नियंत्रित करने और नष्ट करने में सक्षम हैं, ईरान के आसपास और भीतर अपनी जगह पर बनी रहेंगी।
Iran US ceasefire dispute: समझौता नहीं हुआ तो गोलाबारी की चेतावनी
ट्रंप ने धमकी दी कि अगर किसी वजह से समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया “बहुत बड़ी, शक्तिशाली और घातक” होगी। उन्होंने कहा कि यह पहले कभी देखा नहीं गया स्तर का हमला होगा। इसके अलावा ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला और सुरक्षित रहेगा। अमेरिकी सेना इस समय अपने अगले अभियान की तैयारी में लगी है।
Iran US ceasefire dispute: ईरान-अमेरिका सीजफायर पर संकट
ट्रंप के बयान के बाद ईरान-अमेरिका सीजफायर खतरे में दिख रहा है। ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम शर्तों का पालन न करने का आरोप लगाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। इसके चलते क्षेत्रीय जलमार्ग में कई देशों के सैकड़ों जहाज फंस गए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज होर्मुज से गुजरा तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा।
साथ ही ईरान ने लेबनान के मुद्दे पर भी अमेरिका पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अमेरिका ने पहले लेबनान को भी सीजफायर में शामिल किया था, लेकिन अब इसे अस्वीकार कर रहा है। इसी बीच इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 182 लोगों की मौत हुई।
Iran US ceasefire dispute: ईरान की 10 शर्तें क्या हैं?
- किसी भी तरह की आक्रामकता न हो और ईरान पर हमला न किया जाए।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण लगातार जारी रहे।
- ईरान के यूरेनियम संवर्धन को मान्यता दी जाए।
- सभी प्राथमिक प्रतिबंध हटाए जाएं।
- सभी द्वितीयक प्रतिबंध समाप्त किए जाएं।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को रद्द किया जाए।
- आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को रद्द किया जाए।
- अमेरिका द्वारा ईरान को युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
- मिडिल-ईस्ट से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी।
- सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त हो, जिसमें लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई भी शामिल हो।
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