Report: Vandna Rawat
Lucknow उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद से कृषि और किसान की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही अपना पहला फैसला किसानों की ऋण माफी के रूप में लिया था, जिसने प्रदेश के 86 लाख से अधिक किसानों को कर्ज के जाल से मुक्त किया। आज उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर जो 2016-17 में महज 8.5% थी, वह 2025-26 में बढ़कर 18% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है।

Lucknow आंकड़ों में कृषि क्रांति: सकल घरेलू उत्पाद में भारी उछाल
पिछली सरकारों के समय कर्ज और बदहाली का सामना करने वाला किसान आज ‘उत्पादक’ की श्रेणी में गर्व से खड़ा है। 2016-17 में कृषि क्षेत्र का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2.96 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 6.95 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उत्तर प्रदेश देश की कुल कृषि भूमि का मात्र 11% हिस्सा होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में 21% का विशाल योगदान दे रहा है।

Lucknow सीधे खाते में मदद: डीबीटी के जरिए बिचौलियों का अंत
डबल इंजन सरकार ने योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचाया है।

- पीएम किसान सम्मान निधि: अब तक यूपी के किसानों के खाते में 22 किस्तों के माध्यम से 99,003 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): धान और गेहूं की रिकॉर्ड खरीद के साथ ही भुगतान प्रक्रिया को इतना तेज किया गया कि 48 घंटे के भीतर पैसा सीधे किसान के खाते में पहुँच रहा है।
- सस्ता कर्ज: ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के तहत अब लघु व सीमांत किसानों को सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) से मात्र 6% ब्याज पर ऋण मिलेगा, जो पहले 11.50% था।
Lucknow लैब से लैंड तक: वैज्ञानिकों का किसानों से सीधा संवाद
योगी सरकार ने कृषि वैज्ञानिकों को प्रयोगशालाओं से निकालकर सीधे खेतों (लैंड) तक पहुँचाया है। ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत 14,170 गांवों के 23.30 लाख किसानों से सीधा संवाद किया गया। इसके अलावा, लखनऊ के अटारी में आधुनिक ‘सीड पार्क’, बाराबंकी में ‘टिश्यू कल्चर लैब’ और पीलीभीत में ‘बासमती उत्पादन केंद्र’ की स्थापना जैसे कदम यूपी को वैश्विक कृषि मानचित्र पर स्थापित कर रहे हैं।
Lucknow गन्ना और दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश नंबर-1
गन्ना किसानों के लिए पिछले 9 वर्ष स्वर्ण युग की तरह रहे हैं। पिछली सरकारों के मुकाबले योगी सरकार ने अब तक 3.16 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश 16.2% की भागीदारी के साथ देश का शीर्ष दुग्ध उत्पादक राज्य भी बना हुआ है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक दुधारू पशुओं की उत्पादकता को दोगुना करना है।
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