US Iran war funding: ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका को केवल 20 दिनों में ही गंभीर वित्तीय और सैन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। युद्ध मंत्रालय के पास अब ईरान से लड़ाई जारी रखने के लिए पर्याप्त फंडिंग नहीं बची है। इसी कारण पेंटागन ने करीब 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
US Iran war funding: मध्य पूर्व में तेल और गैस पर हमलों का बढ़ता दबाव
खाड़ी क्षेत्र में ईरान और इजरायल के बीच हमलों का सिलसिला बढ़ गया है। ईरान के प्रमुख गैस क्षेत्रों पर इजरायल के हमले का जवाब देते हुए ईरान ने सऊदी और कतर की रिफाइनरी और कुवैत के दो तेल रिफाइनरियों पर भी हमला किया। इस संघर्ष ने मध्य पूर्व में हालात और बिगाड़ दिए हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता पैदा की है।
US Iran war funding: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत $118 प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो 28 फरवरी के बाद से 60% से अधिक बढ़ी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे पर हमले कर रहे हैं। थिंक टैंक के अनुसार, ईरानी गैस क्षेत्र पर इजरायल का हमला सरकार पर दबाव बनाने और नागरिकों की जीवन स्थिति को असहनीय करने का हिस्सा था।
US Iran war funding: पेंटागन का वित्तीय संकट
अमेरिकी सेना को मिडिल ईस्ट में भारी नुकसान हुआ है, जिससे युद्ध मंत्रालय को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते पेंटागन ने व्हाइट हाउस से अगले युद्ध संचालन के लिए 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की मांग की है।
US Iran war funding: ईरानी नेतृत्व की स्थिति अनिश्चित
राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गब्बर्ड ने कांग्रेस को बताया कि ईरान के नए नेता मुज्तबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति अनिश्चित है। उन्होंने बताया कि उन्हें इजरायली हमले में गंभीर चोटें आई हैं और उनके नेतृत्व और संरचना की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।





