US Iran conflict: अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को कहा कि Iran के खिलाफ अब तक 7000 हमले किए जा चुके हैं और आगे एक और बड़ा सैन्य अभियान देखने को मिल सकता है। उनका कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष का अंत अमेरिका की शर्तों पर ही होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जहां अमेरिका अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है, वहीं ईरान की क्षमता कमजोर हो रही है।
US Iran conflict: ईरान का एयर डिफेंस कमजोर होने का दावा
मीडिया को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी हमलों से ईरान का हवाई रक्षा तंत्र गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। उन्होंने Kharg Island स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले का जिक्र करते हुए दावा किया कि इससे अमेरिका को रणनीतिक बढ़त मिली है। उन्होंने उन आशंकाओं को भी खारिज किया जिनमें इस संघर्ष के लंबा खिंचने की बात कही जा रही है।
US Iran conflict: परमाणु हथियार रोकना मुख्य लक्ष्य
हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि United States के लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उनके मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में लगभग 90% की कमी आई है।
US Iran conflict: सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान का दावा
रक्षा मंत्री के अनुसार, अमेरिकी हमलों से ईरान की नई बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लगभग 120 जहाज या तो नष्ट हो चुके हैं या क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा, ईरानी नौसेना की सतही ताकत लगभग खत्म हो चुकी है और 11 पनडुब्बियों के भी निष्क्रिय होने का दावा किया गया।
US Iran conflict: ईरानी सैन्य नेतृत्व पर टिप्पणी
हेगसेथ ने ईरानी सेना के नेतृत्व पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान हालात में वहां कमांडर की भूमिका अस्थिर और चुनौतीपूर्ण हो गई है। उन्होंने Tehran पर सुरंगों, मिसाइलों और ड्रोन पर अत्यधिक निवेश करने का आरोप लगाया और ईरानी शासन की तुलना Hamas से की।





