BY
Yoganand Shrivastava
Pokhran : रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को आज एक और बड़ी मजबूती मिली है। राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में पिनाका एक्सटेंडेड रेंज (ER) रॉकेट के प्रोडक्शन बैच का सफल परीक्षण किया गया। इस परीक्षण की सबसे खास बात यह रही कि इसे पहली बार एक निजी क्षेत्र की कंपनी, सोलर ग्रुप द्वारा निर्मित किया गया है, जो भारतीय रक्षा उद्योग के बदलते स्वरूप को दर्शाता है।
Pokhran सटीकता और संहारक शक्ति का बेजोड़ प्रदर्शन
परीक्षण के दौरान कुल 24 पिनाका एनहांस्ड रॉकेट दागे गए। इन रॉकेट्स ने अपनी सटीकता (Accuracy), स्थिरता (Consistency) और मारक क्षमता (Lethality) का लोहा मनवाया। कंपनी के अनुसार, सभी रॉकेट्स ने वास्तविक युद्ध जैसी स्थितियों (Field Conditions) में शानदार प्रदर्शन किया। पिनाका ER की 90 किलोमीटर तक की स्ट्राइक रेंज इसे भविष्य के युद्धों के लिए एक ‘गेम चेंजर’ हथियार बनाती है।

Pokhran निजी क्षेत्र की बड़ी भागीदारी
यह भारत के रक्षा इतिहास में मील का पत्थर है क्योंकि पहली बार किसी निजी कंपनी ने 24 गाइडेड पिनाका रॉकेट्स के साथ 50 किमी से अधिक की रेंज का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है। सोलर ग्रुप द्वारा निर्मित ये रॉकेट रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की तकनीक पर आधारित हैं। यह सफलता न केवल सेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

Pokhran क्या है पिनाका सिस्टम?
पिनाका एक मल्टिपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) है। यह एक लंबी दूरी तक मार करने वाला आर्टिलरी हथियार है, जिसे भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।

- तेज प्रतिक्रिया: यह सिस्टम बहुत कम समय में दुश्मन के ठिकानों पर सटीक और घातक हमला करने में सक्षम है।
- मिसाइल जैसी खूबी: इसकी सटीकता इसे कुछ हद तक क्रूज मिसाइल के समकक्ष खड़ा करती है।
- आगामी वर्जन: वर्तमान में पिनाका मार्क-1 और मार्क-2 सेवा में हैं, जबकि मार्क-3 पर काम चल रहा है। भविष्य में इसके मार्क-4 और मार्क-5 वर्जन भी आने की तैयारी है।
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