Iran Security Chief Killed: ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब और सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी के मारे जाने की पुष्टि हो गई है। इस घटना ने ईरान की सत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला इजरायल से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें कई अन्य अधिकारी भी मारे गए।
Iran Security Chief Killed: राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने जताया शोक
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दोनों नेताओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को इजरायल और अमेरिका की “कायरतापूर्ण कार्रवाई” बताया और कहा कि देश ने अपने महत्वपूर्ण नेताओं को खो दिया है, जिससे पूरा राष्ट्र शोक में है।
Iran Security Chief Killed: सोशल मीडिया पर भावुक संदेश
ترور ناجوانمردانه همکاران عزیزم اسماعیل خطیب، علی لاریجانی و عزیز نصیرزاده در کنار بعضی از اعضای خانواده و تیم همراهشان داغدارمان کرد.
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) March 18, 2026
شهادت دو عضو کابینه و دبیر شعام و سرداران نظامی و بسیجی را به مردم بزرگ ایران تسلیت میگویم. مطمئنم راهشان محکمتر از قبل ادامه خواهد داشت.
राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इस्माइल खातिब, अली लारीजानी और अजीज नसीरजादेह की हत्या ने देश को गहरे दुख में डाल दिया है। उन्होंने इन नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी राह और विचारधारा को आगे भी मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
Iran Security Chief Killed: कौन थे इस्माइल खातिब
इस्माइल खातिब ईरान के खुफिया मंत्रालय (MOIS) के प्रमुख थे और लंबे समय से देश की सुरक्षा एजेंसियों में अहम भूमिका निभा रहे थे। 1961 में जन्मे खातिब ने इस्लामिक रिवोल्यूशन के बाद Islamic Revolutionary Guard Corps की इंटेलिजेंस यूनिट में काम शुरू किया था। बाद में वे MOIS में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के करीबी माने जाते थे।
Iran Security Chief Killed: अली लारीजानी की भूमिका और महत्व
अली लारीजानी को ईरान की राजनीति और सुरक्षा नीति का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था। वे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में प्रमुख भूमिका निभाते थे और पश्चिमी देशों के साथ परमाणु वार्ताओं में भी सक्रिय रहे। इजरायल ने उन्हें “प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता” के रूप में देखा था।
हमले में अन्य लोगों की भी मौत
इस हमले में अली लारीजानी के बेटे मोर्तेज़ा लारीजानी और उनके कार्यालय प्रमुख अलिरेज़ा बयात समेत कई अन्य लोग भी मारे गए हैं। इसके अलावा खुफिया मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के भी हताहत होने की खबर है, जिससे ईरान के सुरक्षा ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के संकेत
इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से ईरान और इजरायल के बीच टकराव और गहरा सकता है, जिसका असर वैश्विक राजनीति पर भी पड़ सकता है।





