Sheohar कानूनी विवादों के त्वरित और सुलभ समाधान के लिए शिवहर व्यवहार न्यायालय परिसर में बुधवार को एक विशेष पहल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सौजन्य से राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार हेतु जागरूकता रथ रवाना किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार प्रधान और विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ललन कुमार रजक ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस रथ को रवाना किया, जो जिले के कोने-कोने में जाकर लोगों को लोक अदालत के लाभ बताएगा।
Sheohar सुलह के आधार पर मिलेगा न्याय: 14 मार्च को बड़ा आयोजन
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ललन कुमार रजक ने जानकारी दी कि आगामी 14 मार्च 2026 को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन होगा। इस मंच का मुख्य उद्देश्य मुकदमों के बोझ को कम करना और पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से मामलों का स्थायी निपटारा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अपील की कि जिन नागरिकों के मामले सुलह की श्रेणी में आते हैं, वे इस अवसर का लाभ उठाकर वर्षों से लंबित विवादों से मुक्ति पा सकते हैं।
Sheohar हजारों मामलों का होगा निष्पादन, विभिन्न बेंचों का गठन
लोक अदालत की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में मामलों को चिह्नित किया गया है:
- चिह्नित मामले: 898 से अधिक सुलहनीय मुकदमों की पहचान की गई है।
- नोटिस जारी: बैंक ऋण से संबंधित लगभग 6,228 मामलों में पक्षकारों को नोटिस भेजे गए हैं।
- विवादों की प्रकृति: बैंक लोन, चेक बाउंस, बिजली विभाग के विवाद, वैवाहिक मतभेद और आपराधिक सुलहनीय मामलों के लिए अलग-अलग बेंच लगाई जाएंगी।
Sheohar लोक अदालत के लाभ: समय और धन की बचत
न्यायिक पदाधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत में होने वाले फैसले अंतिम होते हैं और इनके खिलाफ कहीं अपील नहीं होती, जिससे भविष्य के विवादों की संभावना खत्म हो जाती है। साथ ही, यहाँ मामलों का निपटारा बिना किसी अदालती शुल्क के और बहुत ही कम समय में हो जाता है।
जागरूकता रथ रवानगी के दौरान व्यवहार न्यायालय के कई अन्य न्यायिक पदाधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यापक प्रचार-प्रसार से अधिक से अधिक लोग लोक अदालत का हिस्सा बनेंगे।





