रिपोर्ट: दीनानाथ मौआर
Aurangabad बिहार के औरंगाबाद जिले में होली का जश्न उस समय मातम में बदल गया जब दाउदनगर अंचल में कार्यरत एक सहायक लिपिक की नशीले पदार्थ के सेवन के बाद रहस्यमयी मौत हो गई। मृतक की पहचान अंबा थाना क्षेत्र के एरका ग्राम निवासी माधो राम के रूप में हुई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं इलाके में इस मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
भांग खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, निजी क्लीनिक में तोड़ा दम
Aurangabad परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, माधो राम सामान्यतः किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करते थे। लेकिन होली के अवसर पर उन्होंने भांग का सेवन कर लिया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें तत्काल अंबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में रात भर चले इलाज के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने उन्हें गया रेफर किया, लेकिन परिजन उन्हें मदनपुर के एक निजी क्लीनिक ले गए, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत की वजह पर संशय: भांग या कुछ और?
Aurangabad लिपिक की मौत के बाद स्थानीय लोगों में कई तरह की शंकाएं जन्म ले रही हैं। चर्चा इस बात की भी है कि क्या यह मौत केवल भांग के सेवन से हुई है या इसके पीछे जहरीली शराब जैसे किसी घातक पदार्थ का हाथ है। हालांकि, सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्यतः भांग जानलेवा नहीं होती, लेकिन इसकी मिलावट या अधिक मात्रा घातक सिद्ध हो सकती है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुरू की जांच
Aurangabad घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और अंतिम परीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का खुलासा किया जाएगा।





