संवाददाता: संतोष सराबगी
Dabra होली के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की एक संवेदनशील पहल डबरा उप-जेल में देखने को मिली। मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में जेल प्रशासन ने कैदियों और उनके परिजनों के बीच की दूरियों को कम करते हुए एक भावुक मिलन का आयोजन किया। जेल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बहनों ने अपने बंदी भाइयों का मुंह मीठा कराया और उनके माथे पर तिलक लगाकर लंबी उम्र की कामना की।

खुले माहौल में हुआ भाई-बहन का मिलन
Dabra शासन की नई मंशा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने इस बार कैदियों को उनकी बहनों से मिलने के लिए विशेष व्यवस्था की थी। जेल के भीतर ही मिठाई, गुलाल और रंगों का प्रबंध किया गया था ताकि कैदी भी समाज की मुख्यधारा और त्योहार के उल्लास से जुड़ाव महसूस कर सकें। कई बहनें पहली बार अपने भाइयों से मिलने जेल पहुँची थीं, जहाँ भाई-बहन के इस मिलन को देख माहौल भावुक हो गया।
अपराध मुक्त जीवन की दिलाई शपथ
Dabra इस दौरान जेल की दीवारों के पीछे एक सकारात्मक संकल्प भी लिया गया। पहली बार अपने भाई को टीका करने आई एक बहन ने तिलक लगाकर अपने भाई से यह वचन मांगा कि वह भविष्य में कभी कोई ऐसा कार्य नहीं करेगा जिससे उसे दोबारा जेल आना पड़े। बहनों ने भाइयों को अपराध का रास्ता छोड़कर नेक इंसान बनने की शपथ दिलाई, जिसे भाइयों ने भी भावुक होकर स्वीकार किया।

प्रशासनिक व्यवस्था और जेल प्रबंधन का कथन
Dabra जेल में सुरक्षा और नियमों के बीच त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। डबरा उप-जेल के प्रबंधक महेश कुमार तिवारी ने बताया कि:
“शासन के निर्देशानुसार सभी कैदियों को उनके परिजनों और बहनों से मिलने की अनुमति दी गई है। मिठाई और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था जेल कैंटीन के माध्यम से की गई है। हम पूरी तरह से शासन के नियमों का पालन सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि कैदियों में भी सुधार की भावना जाग्रत हो सके।”
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