BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद भारत सरकार सतर्क हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक विशेष पत्र लिखकर संभावित विरोध-प्रदर्शनों और हिंसा के प्रति आगाह किया है। मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
खुफिया इनपुट: कट्टरपंथी उपदेशकों पर कड़ी नजर
New Delhi गृह मंत्रालय द्वारा 28 फरवरी को जारी किए गए इस गोपनीय पत्र में राज्यों को विशेष रूप से सचेत रहने को कहा गया है। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे “ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों” की पहचान करें, जो भड़काऊ भाषणों के जरिए शांति भंग कर सकते हैं। मिडिल ईस्ट की स्थिति को देखते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने की बात कही गई है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न घटे।
ईरान पर अब तक का सबसे भीषण प्रहार
New Delhi अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी दावों के मुताबिक, खामेनेई समेत ईरान के 40 से ज्यादा शीर्ष कमांडरों और नेताओं को हवाई हमलों में खत्म कर दिया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश के जरिए स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका के सामरिक उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते, तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों पर हमले जारी रहेंगे। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को दो धड़ों में बांट दिया है।
ईरान का पलटवार और बढ़ता वैश्विक खतरा
New Delhi खामेनेई की मौत के बाद बदले की आग में जल रहे ईरान ने भी जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। ईरान ने इजरायल के साथ-साथ कुवैत, यूएई, कतर और बहरीन जैसे देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया है। इस संघर्ष में अमेरिका ने अपने तीन सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते इस तनाव के कारण भारत में भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं ताकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुद्दे का असर देश के सौहार्द पर न पड़े।





