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Child labor: पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया? गौरेला के स्कूल में बच्चों से जंगल से लकड़ियाँ ढुलवाने का वीडियो वायरल

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Child labor

Report by: Prayas

Child labor: शिक्षा के मंदिर में बच्चों के हाथों में किताबों की जगह लकड़ियों का गट्ठर देखना चिंता का विषय बन गया है। जिला गौरेला पेड्रा मरवाही के बैगा बाहुल्य क्षेत्र चुकतीपानी के प्राथमिक शाला बाजारडाँड़ से सामने आए एक वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। वीडियो में देखा जा सकता है कि मध्यान्ह भोजन के लिए स्कूली बच्चों को जंगल से लकड़ियाँ लाने के लिए कहा गया।

Child labor: स्कूल की जिम्मेदारी पर उठे सवाल

वीडियो में छोटे-छोटे बच्चे अपने कंधों पर लकड़ियों का गट्ठर उठाकर स्कूल परिसर की ओर जाते दिख रहे हैं। बच्चों से पूछे जाने पर उन्होंने मासूमियत से बताया कि यह रोज का नियम है।

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यह घटना इस सवाल को जन्म देती है कि क्या स्कूल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी बच्चों पर डाल रहा है। पढ़ाई के समय बच्चों को ईंधन जुटाने में लगाना शिक्षा और सुरक्षा दोनों के दृष्टिकोण से गंभीर लापरवाही मानी जा सकती है।

Child labor: प्रशासन की चुप्पी और शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया

मामले के सामने आने पर सरपंच और संकुल प्रभारी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे संदेह और बढ़ गया। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा कि वीडियो उनके संज्ञान में है और उन्होंने इसे बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Child labor: बच्चों के हाथों में फिर लौटेंगी किताबें?

सरकार मध्यान्ह भोजन योजना के माध्यम से बच्चों को स्कूल से जोड़ने और पोषण देने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इस वीडियो में सामने आई है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद क्या सिर्फ कागजी कार्रवाई होगी या बच्चों के कंधों से लकड़ी का बोझ हटकर उनके हाथों में फिर से किताबें लौटेंगी।

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