Report by: Ravi Jaist
Kalayat: कलायत में नशा माफिया के खिलाफ अभियान चलाने वाले हेड कांस्टेबल सुनील संधू को कथित झूठे केस में फंसाने की धमकी मिलने के बाद विवाद पैदा हो गया है। पुलिस अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच खाकी की दो धारणाओं में टकराव सामने आया है, जिसमें सुनील संधू ने उच्च अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
Kalayat: कलायत में ईमानदार पुलिसकर्मी के समर्थन में बड़ी बैठक
बुधवार को सजुमा रोड स्थित धर्मशाला में आयोजित बैठक में शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में पहुंचे। उन्होंने डीएसपी ललित यादव के खिलाफ कड़ा रोष जताया और तत्काल पद से हटाने की मांग की।

बैठक में शामिल वक्ताओं में पूर्व पार्षद विक्रम राणा, पूर्व नगर पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि सलिंदर प्रताप राणा, अजय आशु और रामकुमार धनिया शामिल थे। उन्होंने कहा कि जबकि पुलिस प्रशासन नशे के खिलाफ अभियान की बात करता है, वहीं ईमानदार कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुनील संधू को न्याय नहीं मिला, तो कलायत में बड़ा जन आंदोलन शुरू होगा।
Kalayat: हेड कांस्टेबल सुनील संधू का बयान
हेड कांस्टेबल सुनील संधू ने सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि नशा माफिया के खिलाफ सक्रिय रहने के कारण उन्हें स्मैक बेचने के झूठे केस में फंसाने की धमकियां मिल रही हैं। इससे उनका परिवार भी दहशत में है।
संधू ने अपने आप को भगत सिंह का वंशज बताते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भ्रष्टाचार और नशा माफिया के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और कानून पर पूरा भरोसा है।
Kalayat: अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए, अब सभी की निगाहें पुलिस विभाग की आगामी जांच पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि प्रशासन किस प्रकार से इस विवाद और आरोपों का समाधान करता है।
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