रिपोर्ट: विकास तिवारी
Umaria । जिले के सुप्रसिद्ध ‘संदेश नाट्य मंच’ ने कला और रंगमंच की दुनिया में अपने सफर के 30 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में संस्था द्वारा पूरे वर्ष नाट्य समारोहों का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच के संचालक और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) से प्रशिक्षित कलाकार पंकज दुबे ने इस पूरे वर्ष के रोडमैप को साझा किया।
1997 से शुरू हुआ सफर, अब उमरिया में गूंजेगी कला की आवाज
Umaria 01 मार्च 1997 को स्थापित ‘संदेश नाट्य मंच’ ने तीन दशकों में लंबी दूरी तय की है। एशिया के सबसे प्रतिष्ठित ड्रामा स्कूल (NSD) से स्नातक करने के बाद पंकज दुबे ने मुंबई जैसे बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाई, लेकिन अब उन्होंने अपनी कला की जड़ें उमरिया में जमाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हिंदी रंगमंच को पुनर्जीवित करना है, जो आज के समय में संघर्ष कर रहा है।
युवाओं को रंगमंच से जोड़ने की नई पहल
Umaria पंकज दुबे ने बताया कि वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को अभिनय और नाटक की बारीकियों से रूबरू कराना है। वे चाहते हैं कि युवा इस विधा को न केवल समझें, बल्कि इसे अंगीकृत कर नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। पंकज दुबे ने संकल्प लिया कि वे अपनी आखिरी सांस तक उमरिया में कला की इस मशाल को जलते रखेंगे।
थियेटर न होने का छलका दर्द: “साधनों की कमी, पर हौसले बुलंद”
Umaria प्रेस वार्ता के दौरान एक कलाकार का दर्द भी सामने आया। उन्होंने इस बात पर गहरा अफसोस जताया कि इतने वर्षों के निरंतर प्रयासों के बावजूद उमरिया जिले में आज तक एक सर्वसुविधाजनक थियेटर का निर्माण नहीं हो सका।
- आवश्यकता: उमरिया को एक छोटे थियेटर की सख्त जरूरत है।
- फायदा: थियेटर बनने से राष्ट्रीय स्तर के नाटकों का मंचन जिले में संभव हो सकेगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिलेगा।





