Kurukshetra: कुरुक्षेत्र के ताऊ देवीलाल पार्क में प्रदेशभर से आए हजारों किसान एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में शुरू हुआ यह महापड़ाव तीन दिन तक चलेगा। प्रदर्शन के बाद किसान मुख्यमंत्री के कुरुक्षेत्र स्थित आवास का घेराव करने के लिए देवीलाल पार्क से रवाना हुए।
Kurukshetra: प्रदेशभर के किसान संगठनों की भागीदारी
मोर्चा से जुड़े करीब 10 किसान संगठनों के प्रतिनिधि महापड़ाव में शामिल हुए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और अगली रणनीति की घोषणा की जाएगी।
Kurukshetra: प्रमुख मांगें क्या हैं?
किसानों की मुख्य मांगों में कृषि बिजली बिलों को रद्द करना, किसानों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे वापस लेना और फसल खराबे का पूरा मुआवजा जारी करना शामिल है।

किसान नेताओं का आरोप है कि फिजी वायरस और बाढ़ से फसलें बर्बाद हुईं, लेकिन प्रशासन ने पूरे नुकसान का आकलन नहीं किया। उनका दावा है कि जिले में लगभग 81 हजार एकड़ क्षेत्र प्रभावित हुआ, जबकि केवल करीब 7 हजार एकड़ का मुआवजा दिया गया।
Kurukshetra: तकनीकी खामियों का आरोप
किसानों का कहना है कि गलत फोटो अपलोड होने जैसी तकनीकी त्रुटियों का खामियाजा भी किसानों को भुगतना पड़ रहा है, जिससे कई प्रभावित किसान मुआवजे से वंचित रह गए।
Kurukshetra: ट्रेड डील और आयात पर चिंता
किसानों ने अमेरिका से कृषि उत्पादों के संभावित आयात पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि आयात की खबर के बाद ही मंडियों में मक्का के दाम 300 से 400 रुपये तक गिर गए हैं। इससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
किसान नेता प्रिंस वढेच ने कहा कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।
read also: Panchkula: सेक्टर-9 मंदिर परिसर में युवक पर डंडों से हमला, जमीन विवाद में भाइयों की हुई झड़प





