Vijay Nandan (वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल एडिटर)
Trump Tariff Cancelled : वॉशिंगटन डीसी, अमेरिकी राजनीति और वैश्विक व्यापार जगत के लिए एक ऐतिहासिक फैसले में Supreme Court of the United States ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को अवैध करार दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति को इस तरह व्यापक आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का अधिकार नहीं है।
यह फैसला ट्रम्प की आर्थिक नीतियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला उनके प्रमुख एजेंडे में शामिल था और सीधे सर्वोच्च अदालत तक पहुंचा।
Trump Tariff Cancelled : IEEPA कानून के तहत लगाया गया था टैरिफ
ट्रम्प ने अप्रैल 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापार घाटे को ‘आपात स्थिति’ बताते हुए कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ लगा दिए थे। इसके लिए उन्होंने 1977 में बने International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) का सहारा लिया था।

IEEPA का उद्देश्य असाधारण अंतरराष्ट्रीय संकट या राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे की स्थिति में राष्ट्रपति को सीमित आर्थिक शक्तियां देना है। हालांकि, अदालत ने कहा कि इस कानून में ‘टैरिफ’ शब्द का स्पष्ट उल्लेख नहीं है और न ही राष्ट्रपति को व्यापक कर लगाने का सीधा अधिकार दिया गया है।
Trump Tariff Cancelled : सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि
राष्ट्रपति सीमित अवधि (150 दिन) तक 15% तक का टैरिफ विशेष परिस्थितियों में लगा सकते हैं,
लेकिन इसके लिए ठोस और स्पष्ट कानूनी आधार आवश्यक है,
कांग्रेस की मंजूरी के बिना व्यापक और दीर्घकालिक टैरिफ लगाना संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है।
नवंबर 2025 में हुई सुनवाई के दौरान जजों ने सवाल उठाया था कि टैरिफ मूल रूप से टैक्स का रूप हैं और टैक्स लगाने का अधिकार अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास।

Trump Tariff Cancelled : 12 राज्यों और कारोबारियों ने दी थी चुनौती
ट्रम्प के फैसले के खिलाफ 12 अमेरिकी राज्यों एरिजोना, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, इलिनॉय, मेन, मिनेसोटा, नेवादा, न्यू मेक्सिको, न्यूयॉर्क, ओरेगन और वर्मोंट ने छोटे कारोबारियों के साथ मिलकर मुकदमा दायर किया था।
उनका आरोप था कि राष्ट्रपति ने अपनी संवैधानिक सीमा से बाहर जाकर आयात पर नए शुल्क लगाए, जिससे व्यापार और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।
निचली अदालतों कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड और फेडरल सर्किट कोर्ट ने पहले ही इन टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था।
Trump Tariff Cancelled : फैसले का वैश्विक असर
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के कई व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं:
ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ हट जाएंगे।
अमेरिकी सरकार को कंपनियों से वसूला गया अरबों डॉलर वापस करना पड़ सकता है।
भारत, चीन और यूरोप के निर्यातकों को राहत मिलेगी।
कई आयातित वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं।
Trump Tariff Cancelled : शेयर बाजारों में तेजी संभव है।
वैश्विक व्यापार प्रणाली अधिक स्थिर हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अमेरिका की व्यापार नीति और राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों की सीमाओं को स्पष्ट करता है।
Trump Tariff Cancelled : ट्रम्प की प्रतिक्रिया
फैसले से पहले ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर टैरिफ रद्द हुए तो अमेरिका “पूरी तरह फंस जाएगा” और आर्थिक अव्यवस्था फैल सकती है। ट्रम्प प्रशासन का तर्क था कि टैरिफ हटाने पर सरकार को भारी राजस्व वापस करना पड़ेगा, जिससे खजाने पर दबाव पड़ेगा।
Trump Tariff Cancelled : क्यों ऐतिहासिक है यह फैसला?
यह निर्णय न केवल ट्रम्प की नीतियों पर असर डालता है, बल्कि भविष्य के राष्ट्रपतियों के लिए भी एक संवैधानिक सीमा तय करता है। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आर्थिक आपातकालीन शक्तियों का उपयोग कर व्यापक कर नीति लागू नहीं की जा सकती।
इस फैसले से अमेरिकी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शक्तियों के संतुलन (Separation of Powers) की अहमियत फिर से रेखांकित हुई है।





