रिपोर्ट: अनुज सैनी
Muzaffarnagar (उत्तर प्रदेश): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस का अपराधियों के खिलाफ अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन’ लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार तड़के मुजफ्फरनगर के बुढाना कोतवाली क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस गोलीबारी में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश अमजद (निवासी हरसौली) मारा गया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया, जिसमें एक दरोगा और एक सिपाही भी घायल हुए हैं।
दरोगा और सिपाही को लगी गोली, एसपी की गाड़ी पर भी हमला
Muzaffarnagar बुढाना-विज्ञाना मार्ग पर हुई इस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की ओर से चलाई गई गोलियां उपनिरीक्षक (SI) संदीप और सिपाही इशफाक को लगीं, जिससे वे घायल हो गए। यही नहीं, मुठभेड़ की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बदमाशों की गोलियां एसपी देहात आदित्य बंसल की गाड़ी में भी लगीं। गनीमत रही कि बुलेटप्रूफ जैकेट और सावधानी के कारण बड़ा हादसा टल गया। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पांच राज्यों में आतंक का पर्याय था अमजद
Muzaffarnagar ढेर हुआ बदमाश अमजद एक अंतर्राज्यीय अपराधी था, जिस पर उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, बिहार, दिल्ली और उत्तराखंड जैसे राज्यों में 40 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे। वह मुख्य रूप से लूट, हत्या, डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसे मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी और इसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अमजद की मौत के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक बड़े अपराधी गिरोह की कमर टूट गई है।
भारी मात्रा में अवैध हथियार और बाइक बरामद
Muzaffarnagar मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक कारबाइन, एक पिस्टल और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, बदमाश जिस बाइक का इस्तेमाल कर रहे थे, उसे भी कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान अमजद का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश के लिए जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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