Edit by: Priyanshi Soni
Sirmaur: सिरमौर जिले के नौहराधार क्षेत्र स्थित बांदल गांव के लिए चलने वाली एकमात्र बस सेवा पिछले कई महीनों से गांव तक नहीं पहुंच रही है। नाहन–कुफ्टू रूट पर संचालित यह निजी बस, जो पहले बांदल गांव से अटैच थी, अब नौहराधार से सीधे कुफ्टू जा रही है। इससे बांदल सहित आसपास की तीन पंचायतों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Sirmaur: सरकारी काम और इलाज के लिए बढ़ी मुश्किलें
बस सेवा बंद होने के कारण ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के काम, रोजमर्रा की खरीदारी और अस्पताल जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल नौहराधार पहुंचना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग छोटी निजी गाड़ियों का सहारा ले रहे हैं, जो न तो सुरक्षित हैं और न ही नियमित।
Sirmaur: भेड़-बकरियों की तरह भरे जा रहे यात्री

निजी पिकअप और छोटी गाड़ियों में अत्यधिक भीड़ होने से यात्रियों को खतरनाक परिस्थितियों में सफर करना पड़ रहा है। कई बार लोगों को गाड़ियों में लटककर यात्रा करनी पड़ती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
Sirmaur: स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर असर
बांदल क्षेत्र के छात्र-छात्राएं रोजाना इसी बस से नौहराधार स्कूल आते-जाते थे। अब उन्हें पैदल चलने या जोखिम भरे सफर का सहारा लेना पड़ रहा है। परीक्षा के समय में उनकी उपस्थिति और पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, जिससे अभिभावक भी चिंतित हैं।
Sirmaur: पहले सरकारी बस बंद, अब निजी बस की मनमानी
गौरतलब है कि हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत परमार के समय से चल रही नाहन–कुफ्टू एचआरटीसी बस सेवा करीब पांच महीने पहले बंद कर दी गई थी। इसके बाद निजी बस शुरू की गई, लेकिन अब वह भी निर्धारित रूट पर बांदल तक नहीं पहुंच रही है। इससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
Sirmaur: स्थानीय लोगों की कड़ी प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी सुदर्शन सिंह ठाकुर ने कहा कि बस सेवा बाधित होने से जनता को रोज भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। युवा नेता सुनील गोसाईक (स्थानीय वादल) ने कहा कि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। परिवहन विभाग को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
भाजपा मंडल नौहराधार अध्यक्ष भरत भूषण ने भी कहा कि यदि निजी बस निर्धारित रूट पर नहीं चल रही है, तो विभाग को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और एचआरटीसी की बस सेवा शीघ्र बहाल की जानी चाहिए।
Sirmaur: ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- एचआरटीसी की बस सेवा तुरंत पुनः शुरू की जाए।
- निजी बस को निर्धारित रूट के अनुसार बांदल गांव तक चलाना सुनिश्चित किया जाए।
- विद्यार्थियों और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
- ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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