रिपोर्टर:-निजाम अली
Pilibhit (पूरनपुर): उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पूरनपुर कोतवाली में तैनात एक सिपाही पर आरोप लगा है कि उसने एक निर्दोष पेंटर को बंधक बनाकर न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि छोड़ने के एवज में 30 हजार रुपये की वसूली भी की। इस सनसनीखेज आरोप के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।
पूछताछ के बहाने ले गए और कमरे में किया बंद
Pilibhit पीड़ित धर्मवीर निवासी ग्राम पिपरिया जयभद्र के अनुसार, यह घटना 7 फरवरी की है। वह तिरंगा चौराहे पर स्थित एक फर्नीचर की दुकान पर पेंट का काम कर रहा था। दोपहर करीब 12 बजे एक सिपाही पूछताछ के बहाने उसे कोतवाली ले गया। आरोप है कि उसे मुख्य थाने के बजाय पीछे स्थित एक निजी कमरे में ले जाकर बंद कर दिया गया, जहां उसे बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट दिया गया।

पेड़ काटने का आरोप और बेरहमी से मारपीट
Pilibhit धर्मवीर का आरोप है कि सिपाही ने उस पर किसी व्यक्ति का पेड़ चोरी-छिपे काटने का बेबुनियाद आरोप मढ़ा। इसी बात को लेकर उसे डंडों और पट्टों से बुरी तरह पीटा गया। पीड़ित का कहना है कि सिपाही ने उसे छोड़ने के बदले पैसों की मांग की, जिसके बाद डर के मारे उसने 30 हजार रुपये का भुगतान किया। इतना ही नहीं, सिपाही ने शिकायत करने पर उसे जान से मारने और झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी भी दी।
एसपी तक पहुंचा मामला, सीओ कार्यालय में दर्ज हुए बयान
Pilibhit मामले ने तब तूल पकड़ा जब पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर पूरी घटना की शिकायत पुलिस अधीक्षक (SP) से की। एसपी के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी (CO) कार्यालय में युवक के विस्तृत बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि सिपाही दोषी पाया जाता है, तो उस पर सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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