By: Pramod Shrivastav
Swadesh Agenda में आज बात करेंगे उस अखंड भारत के नक्शे की, जिसने पाकिस्तान और चीन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। भारत–अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील के फ्रेमवर्क के साथ जारी किए गए इस मानचित्र में पूरे जम्मू–कश्मीर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इसे कूटनीतिक स्तर पर बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह अमेरिका के रुख में बड़े बदलाव का संकेत देता है।
ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी इस आधिकारिक नक्शे में भारत की क्षेत्रीय अखंडता को स्पष्ट रूप से मान्यता दी गई है। पहले अमेरिका ऐसे क्षेत्रों को अक्सर “विवादित” या डॉटेड लाइनों के साथ दिखाता था, लेकिन इस बार पूरे इलाके को भारत के भीतर दर्शाया गया है। इससे पाकिस्तान और चीन दोनों को कूटनीतिक झटका लगा है।
भारत हमेशा से कहता रहा है कि जम्मू–कश्मीर, PoK और गिलगित–बाल्टिस्तान उसका अभिन्न अंग हैं, जिन पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है। अब अमेरिका द्वारा जारी इस नक्शे को भारत के इस रुख का अप्रत्यक्ष समर्थन माना जा रहा है।
Swadesh Agenda:
अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा दिखाया जाना खास महत्व रखता है, क्योंकि यह क्षेत्र फिलहाल चीन के नियंत्रण में है। पहले भारत ने कई बार विदेशी एजेंसियों द्वारा जारी गलत नक्शों पर आपत्ति जताई थी। अमेरिकी प्रशासन का यह कदम भारत की उन्हीं आपत्तियों को मान्यता देने जैसा माना जा रहा है।
इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है कि क्या अमेरिका अब PoK के मुद्दे पर तटस्थ रुख से हटकर भारत के पक्ष में खड़ा हो रहा है।

Swadesh Agenda: US द्वारा जारी नक्शे की बड़ी बातें
• पूर्ण जम्मू–कश्मीर और PoK
अमेरिका द्वारा जारी नक्शे में पूरे जम्मू–कश्मीर क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी शामिल है, को स्पष्ट रूप से भारत का हिस्सा दिखाया गया है।
• अक्साई चिन
नए अमेरिकी नक्शे में अक्साई चिन को भी भारतीय क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है, हालांकि यह वर्तमान में चीन के नियंत्रण में है।
• कूटनीतिक महत्व
यह दशकों पुरानी अमेरिकी नीति से एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जहां पहले इन क्षेत्रों को अक्सर विवादित या डॉटेड लाइनों के साथ दिखाया जाता था।
• पाकिस्तान और चीन पर असर
यह नक्शा पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए कूटनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह भारत के क्षेत्रीय अखंडता के दावे को कार्टोग्राफिक समर्थन देता है।

Swadesh Agenda: भारत–अमेरिका ट्रेड डील के अहम बिंदु
• टैरिफ में कटौती
अमेरिका ने भारतीय सामानों पर प्रभावी टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है।
• रूसी तेल पर पेनल्टी खत्म
भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के कारण लगाया गया 25% अतिरिक्त टैरिफ इस डील के तहत हटा दिया गया है।
• $500 बिलियन की खरीद
भारत ने अगले 5 वर्षों में अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान और प्रौद्योगिकी खरीदने का लक्ष्य रखा है।
• शून्य शुल्क (Zero Tariff)
कृषि, कपड़ा, चमड़ा और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, जिनमें से कई पर अब शून्य शुल्क लगेगा।
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