BY
Yoganand Shrivastava
Mumbai मुंबई: भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने समंदर में एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के जरिए अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी के एक बड़े रैकेट को नाकाम कर दिया है। मुंबई से लगभग 100 समुद्री मील (Nautical Miles) दूर पश्चिम में की गई इस कार्रवाई में तीन विदेशी मालवाहक जहाजों को बड़ी मात्रा में तस्करी के तेल के साथ पकड़ा गया है। यह ऑपरेशन डिजिटल निगरानी और समुद्री-हवाई नेटवर्क के सटीक तालमेल का परिणाम है।
संघर्ष प्रभावित देशों से सस्ते तेल की तस्करी
Mumbai प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह सिंडिकेट युद्ध या संघर्ष झेल रहे देशों से अवैध रूप से सस्ता कच्चा तेल और कार्गो प्राप्त करता था। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में इन जहाजों के बीच तेल का अवैध ट्रांसफर (Ship-to-Ship Transfer) किया जाता था, ताकि मुनाफा कमाया जा सके और भारत जैसे तटीय देशों को देय महत्वपूर्ण सीमा शुल्क (Duty) की चोरी की जा सके। यह पूरा नेटवर्क कई देशों में बैठे हैंडलर्स द्वारा संचालित किया जा रहा था।
डिजिटल निगरानी और तकनीक से बिछाया जाल
Mumbai इंडियन कोस्ट गार्ड की विशेषज्ञ टीम ने संदिग्ध जहाजों को पकड़ने के लिए ‘टेक-इन्क्लूसिव सिस्टम’ और डिजिटल डेटा पैटर्न का सहारा लिया। एक मोटर टैंकर की संदिग्ध गतिविधियों ने अधिकारियों को सतर्क किया, जिसके बाद उसके संपर्क में आने वाले अन्य जहाजों के डेटा का भी विश्लेषण किया गया। गुरुवार को चलाए गए इस मिशन में आईसीजी की विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम ने जहाजों पर चढ़कर दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया और चालक दल से पूछताछ कर अपराधियों के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का पर्दाफाश किया।
पहचान बदलकर सुरक्षा एजेंसियों को दे रहे थे चकमा
Mumbai जांच में यह भी सामने आया है कि ये जहाज पकड़े जाने से बचने के लिए लगातार अपनी डिजिटल पहचान और नाम बदलते रहते थे। इन जहाजों के असली मालिक दूसरे देशों में बैठकर इस अवैध कारोबार को नियंत्रित कर रहे थे। पकड़े गए तीनों जहाजों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया जा रहा है, जहां इन्हें भारतीय सीमा शुल्क (Customs) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया जाएगा। यह ऑपरेशन भारत की समुद्री सुरक्षा की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय नियमों को लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।





