Report: Rupesh kumar dass
Hazaribagh : झारखंड में नगर निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है और चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। जहाँ एक ओर प्रत्याशी घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं और चुनाव चिन्हों के आवंटन के बाद प्रचार युद्ध तेज होने वाला है, वहीं हजारीबाग नगर परिषद से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया है। वार्ड संख्या 36 से प्रत्याशी विजय ने बिना किसी मुकाबले के जीत हासिल कर ली है।
नामांकन के मैदान में अकेले रहे विजय
Hazaribagh हजारीबाग नगर परिषद के अंतिम वार्ड, यानी वार्ड नंबर 36 में लोकतंत्र का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। यहाँ चुनावी शोर-शराबे की जरूरत ही नहीं पड़ी क्योंकि इस वार्ड से केवल एक मात्र उम्मीदवार विजय ने ही अपना पर्चा दाखिल किया था। नामांकन की समय सीमा समाप्त होने तक किसी अन्य प्रतिद्वंद्वी के सामने न आने के कारण, निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। यह इस निकाय चुनाव का सबसे पहला और सफल परिणाम है।
राजनीतिक विरासत को बढ़ाया आगे
Hazaribagh विजय की यह जीत केवल एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि उनके परिवार के प्रति क्षेत्र के भरोसे को भी दर्शाती है। वार्ड 36 में उनके परिवार का दबदबा पुराना है; इससे पहले उनकी माता यहाँ की पार्षद रहकर जनता की सेवा कर चुकी हैं। इस बार यह सीट सामान्य श्रेणी (General Category) के लिए आरक्षित हुई थी, जिसके बाद विजय ने मैदान में उतरने का फैसला किया। किसी भी अन्य उम्मीदवार का खड़ा न होना, उनके प्रति जन-सहमति का प्रतीक माना जा रहा है।
समर्थकों में उत्साह का माहौल
Hazaribagh जैसे ही विजय के निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक पुष्टि हुई, पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों ने इस जीत को विकास की निरंतरता बताया है। अब जबकि अन्य वार्डों में प्रत्याशी कड़ी धूप में पसीना बहा रहे हैं, विजय ने निर्विरोध जीत दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है।
Read this: Dhaka: उस्मान हादी की हत्या को लेकर फिर हिंसा, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़प, 50 घायल





