खेल रत्न अवॉर्ड की लिस्ट लगातार चर्चा में है। चर्चा में होने का कारण है मनु भाकर, क्योंकि मनु का नाम इस लिस्ट में नहीं है। लिस्ट में नाम ना होने के कारण मनु ने खुद ही सीधा अवॉर्ड के लिए अपना नाम भेज दिया था। पूरे मामले पर मनु भाकर का बयान सामने आया है विवाद पर शूटर मनु भाकर ने मंगलवार को कहा कि, ‘मेरा मानना है कि नामांकन दाखिल करते समय शायद मेरी ओर से कोई चूक हुई है, जिसे ठीक किया जा रहा है, मैं अवॉर्ड के लिए उत्साहित हूं, लेकिन वह मेरा अंतिम लक्ष्य नहीं है। मैं अपने देश के लिए और अधिक पदक मेडल जीतने की कोशिश करती रहूंगी।’
रिपोर्ट्स की माने तो नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भाकर का नाम खेल रत्न के लिए नहीं भेजा था, लेकिन इस पर विवाद के बाद अब एसोसिएशन नॉमिनेशन के लिए खुद खेल मंत्रालय के पास पहुंची है। खेल मंत्रालय भी अब मनु के नॉमिनेशन की तैयारी कर रहा है। जानकारी के अनुसार मनु भाकर को सरकार मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड दे सकती है।
मंत्रालय खेल नियमों के आर्टिकल 5.1 और 5.2 के तहत मनु को नॉमिनेट कर सकता है। नियम में कहा गया है कि अगर खिलाड़ी खेल रत्न के लिए दी गई गाइडलाइंस को पूरा करता हो तो वो खुद ही अपना नाम अवॉर्ड के लिए भेज सकता है। इसके अलावा मंत्रालय के पास भी ऐसे 2 नाम भेजने के अधिकार होते हैं।





