Report: Vivek
Jharkhand गिरिडीह: जिले के पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत हरलाडीह क्षेत्र में दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ हुई दरिंदगी के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। 25 जनवरी की रात हुई इस जघन्य घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और चार विधि-विरुद्ध किशोरों को संरक्षण में लिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान इस सफलता की पुष्टि की।
जतरा मेला से लौटते वक्त हुई थी वारदात
Jharkhand घटनाक्रम के अनुसार, दोनों नाबालिग बच्चियां 25 जनवरी की रात स्थानीय जतरा मेला देखकर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने उन्हें अकेला पाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल बीएनएस (BNS) और पोक्सो (POCSO) एक्ट की कड़े धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
SIT और डॉग स्क्वायड की मदद से दबोचे गए अपराधी
Jharkhand एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया था। जांच में तकनीकी शाखा के साथ-साथ रांची से आई विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम और श्वान दस्ते (Dog Squad) की भी मदद ली गई। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर राजेश मुर्मू, रविलाल टुडू, संजय टुडू और सोहन टुडू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल सात मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य भी बरामद हुए हैं।
फरार आरोपी की तलाश और कानूनी कार्रवाई
Jharkhand पुलिस के मुताबिक, इस घटना में शामिल एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। एसपी ने आश्वासन दिया है कि सभी दोषियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाकर कड़ी कानूनी सजा सुनिश्चित की जाएगी। इस सफल उद्भेदन में तकनीकी शाखा के साथ-साथ कई थानों के पुलिस पदाधिकारी और महिला अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





