Mohit Jain
Railway Project Delay,ग्वालियर। रेलवे की दो अहम परियोजनाएं बार-बार डेडलाइन बढ़ने के कारण अधर में लटकी हुई हैं। ग्वालियर–श्योपुर ब्रॉडगेज लाइन और ग्वालियर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास दोनों ही योजनाएं तय समय से काफी पीछे चल रही हैं। ब्रॉडगेज परियोजना की समय-सीमा पांच बार और स्टेशन पुनर्विकास की चार बार बढ़ाई जा चुकी है, जिससे यात्रियों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
Railway Project Delay: श्योपुर ब्रॉडगेज: पांच साल बाद भी अधूरा काम
ग्वालियर–श्योपुर ब्रॉडगेज परियोजना 2018 में शुरू हुई थी, लेकिन बजट में देरी के कारण काम मार्च 2020 के बाद ही गति पकड़ पाया। पहले इसे मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जो पूरा नहीं हो सका। अब रेलवे ने जून 2026 तक इसे पूरा करने का नया दावा किया है। फिलहाल ग्वालियर से कैलारस तक मेमू ट्रेन चल रही है, जबकि कैलारस–सबलगढ़ सेक्शन में निरीक्षण के बावजूद ट्रेन सेवा शुरू नहीं हो पाई है। इस परियोजना पर कुल 2350 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।

ग्वालियर स्टेशन पुनर्विकास: चौथी बार बदली समय-सीमा
ग्वालियर स्टेशन पुनर्विकास के लिए 534 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे और काम 2022 में शुरू हुआ था। इसे दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन कार्य अधूरा रहने पर डेडलाइन पहले मार्च 2025, फिर मार्च 2026 और अब जून 2026 कर दी गई है। उत्तर मध्य रेलवे ने इस बार सख्त निर्देश दिए हैं कि तय समय पर काम पूरा किया जाए।

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Railway Project Delay: रेल बजट में 350 करोड़ की बड़ी सौगात
रेल बजट 2026-27 में झांसी मंडल के लिए 2598.93 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल से 10.85 प्रतिशत अधिक है। इसमें ग्वालियर स्टेशन पुनर्विकास के लिए 100 करोड़ रुपये और ग्वालियर–श्योपुर ब्रॉडगेज परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये रखे गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि इससे दोनों परियोजनाओं में तेजी आएगी और चंबल अंचल का रेल नेटवर्क मजबूत होगा।





