सीएम डॉ. मोहन यादव का ब्लॉग
Budget 2026-27 : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश हब बनाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और उद्यमियों के लिए संभावनाओं का नया द्वार है।
औद्योगिक क्रांति और हाई-टेक निवेश को प्रोत्साहन
Budget 2026-27 केंद्रीय बजट में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई (AI) तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है। मध्य प्रदेश इन क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए पहले ही अपनी नीतियां तैयार कर चुका है।
- इको-सिस्टम का विकास: बजट के प्रावधानों से राज्य में डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को बल मिलेगा।
- शहरी विकास का नया मॉडल: ‘सिटी इकोनॉमिक रीजन’ नीति के माध्यम से मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों को संगठित आर्थिक केंद्रों और कमर्शियल क्लस्टर्स के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे व्यापारिक सुगमता (Ease of Doing Business) और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा।
युवा कौशल विकास और रचनात्मक शिक्षा पर जोर
Budget 2026-27 बजट में शिक्षा को आधुनिक बनाने और युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए कई क्रांतिकारी पहल की गई हैं:
- APGC लैब की स्थापना: राज्य के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी, जो छात्रों की रचनात्मकता को नई दिशा देंगी।
- कौशल उन्नयन: पर्यटन क्षेत्र में 10,000 गाइड्स को IIM के सहयोग से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही ‘खेलो इंडिया’ मिशन के माध्यम से खेल अधोसंरचना में बदलाव लाकर युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
महिला सशक्तिकरण और समावेशी सामाजिक विकास
Budget 2026-27 नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजट में ठोस वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। मध्य प्रदेश में पहले से चल रही योजनाओं को इस बजट से अतिरिक्त ऊर्जा मिलेगी:
- एमएसएमई ग्रोथ फंड: महिला उद्यमियों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन सूक्ष्म और लघु उद्योगों को नई मजबूती देगा। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत महिलाओं को ऋण और स्वामित्व से जोड़कर उनकी आजीविका में सुधार किया जाएगा।
- सामाजिक समावेशन: दिव्यांगजन कौशल योजना, जिलों में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण और ‘शी-मार्ट्स’ (She-Marts) जैसी पहल मानव पूंजी निर्माण में सहायक होंगी। ये प्रयास समाज के हर वर्ग को आर्थिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेंगे।





