Report: Rakesh Chandwanshi
Chhindwara। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने आज छिंदवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में दबिश दी। टीम ने सीएमएचओ के ऑपरेटर जितेंद्र सिंह यदुवंशी को एक बीमार नर्स से ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
किडनी की मरीज नर्स से मांगी गई ‘बदली’ की कीमत
Chhindwara पूरा मामला बेहद संवेदनशील और मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाला है। शिकायतकर्ता पुष्पा बड़कडे वर्तमान में रोहना अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत हैं और लंबे समय से गंभीर किडनी रोग से जूझ रही हैं। बीमारी के चलते उन्होंने अपने स्थानांतरण (Transfer) के लिए जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में गुहार लगाई थी। कलेक्टर ने उनकी स्थिति को देखते हुए मानवीय आधार पर सीएमएचओ को तत्काल स्थानांतरण के निर्देश दिए थे।

‘साहब’ का नाम लेकर वसूली: “इतने में नहीं मानेंगे बड़े अधिकारी”
Chhindwara कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ ऑपरेटर जितेंद्र सिंह यदुवंशी ने नर्स को परेशान करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए ₹20,000 देने की पेशकश की, लेकिन आरोपी टस से मस नहीं हुआ। आरोपी ने नर्स पर दबाव बनाते हुए दावा किया कि “सीएमएचओ साहब इतने कम रुपयों में नहीं मानेंगे, काम के लिए ₹50,000 एकमुश्त देने ही होंगे।” विवश होकर पीड़िता ने 21 तारीख को जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।
लोकायुक्त की घेराबंदी और रंगे हाथों गिरफ्तारी
Chhindwara शिकायत की सत्यता जांचने के बाद, लोकायुक्त इंस्पेक्टर बृजमोहन सिंह नरवरिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। योजना के मुताबिक, जैसे ही नर्स ने सीएमएचओ ऑफिस पहुंचकर आरोपी जितेंद्र सिंह को ₹50,000 की राशि थमाई, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी के तार कार्यालय के अन्य बड़े अधिकारियों से भी जुड़े हैं।





