BY
Yoganand Shrivastava
Dehli । आगामी आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 से पहले क्रिकेट जगत में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के दौरान भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है और कांग्रेस सांसद शशि थरूर सहित कई नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
शशि थरूर का रुख: ‘खेल के मैदान पर एकजुटता जरूरी’
Dehli पाकिस्तान द्वारा 15 फरवरी को होने वाले मैच के बहिष्कार पर शशि थरूर ने चिंता व्यक्त की है। थरूर ने इसे “बेहद शर्मनाक” करार देते हुए कहा कि खेल का इस स्तर पर राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान के अनुबंध विवाद का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। थरूर के अनुसार, आईसीसी को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि क्रिकेट जैसे खेल के जरिए लोगों को एकजुट किया जा सके, न कि इसे आपसी मतभेदों की भेंट चढ़ाया जाए।
राजनीतिक दलों के बीच बंटी राय
Dehli इस मुद्दे पर अन्य राजनेताओं के अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सवाल उठाया कि जब सीमा पर जवान शहीद हो रहे हैं, तो भारत ने पहले ही मैच खेलने से मना क्यों नहीं किया? वहीं, कांग्रेस के ही इमरान मसूद ने देश के सम्मान को सर्वोपरि बताते हुए पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार के क्रिकेट संबंधों का विरोध किया। दूसरी ओर, भाजपा सांसद शशांक मणि ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पाकिस्तान हार के डर से “रण छोड़कर” भाग रहा है।
बीसीसीआई का संयमित रुख
Dehli तमाम बयानबाजी के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने फिलहाल संभलकर प्रतिक्रिया दी है। बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि बोर्ड अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के बयान से पूरी तरह सहमत है और खेल भावना का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि जब तक आईसीसी से आधिकारिक चर्चा नहीं हो जाती, बीसीसीआई इस मुद्दे पर कोई भी अंतिम टिप्पणी करने से बचेगा। फिलहाल सबकी निगाहें आईसीसी पर टिकी हैं कि वह इस संकट का समाधान कैसे निकालती है।





