Ayush Development Plan: केंद्रीय बजट 2026 में आयुष क्षेत्र को सशक्त बनाने के प्रावधानों का स्वागत करते हुए वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक और वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. ए.के. द्विवेदी ने इसे जनस्वास्थ्य के प्रति सरकार की दूरदर्शी सोच बताया।
Ayush Development Plan: आयुष क्षेत्र को अभूतपूर्व विकास
डॉ. द्विवेदी, जो केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद (Central Council for Research in Homoeopathy) और NEIAH, शिलांग की वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सदस्य हैं, ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आयुष क्षेत्र का विकास अभूतपूर्व रहा है। कोविड महामारी के बाद पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पहचान मिली है और यह क्षेत्र अब शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा में नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
नए संस्थान और प्रयोगशालाओं का सशक्तिकरण
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि बजट में नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का निर्णय और आयुष फार्मेसी एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं के अपग्रेडेशन का प्रावधान अत्यंत स्वागत योग्य है। इससे आयुष औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रमाणिकता सुनिश्चित होगी।

वैश्विक नेतृत्व की दिशा में कदम
उन्होंने यह भी कहा कि जामनगर स्थित WHO के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को मजबूत करने का निर्णय भारत को पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक नेतृत्व की दिशा में और आगे बढ़ाएगा।
आयुष: निवारक स्वास्थ्य की दिशा में योगदान
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि आयुष केवल बीमारियों का उपचार नहीं करता, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की कला भी सिखाता है। आने वाला समय आयुष का है और यह प्रणाली Preventive Healthcare को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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Ayush Development Plan: सकारात्मक प्रभाव देशभर में
बजट में आयुष क्षेत्र के लिए किए गए ये प्रावधान जनस्वास्थ्य के हित में हैं और आने वाले समय में पूरे देश में इनके सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे।





