BY
Yoganand Shrivastava
Dehli : राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में रविवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जहाँ एक तरफ लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है, वहीं मौसम विभाग (IMD) की नई रिपोर्ट ने भविष्य की चिंता बढ़ा दी है। फरवरी की शुरुआत भले ही ठंडी फुहारों के साथ हुई हो, लेकिन आने वाले दिनों में गर्मी के पुराने रिकॉर्ड टूटने की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली में बूंदाबांदी और गिरता पारा
Dehli पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 16°C से 18°C के बीच रहने का अनुमान है। रात में न्यूनतम तापमान 10°C तक गिर सकता है, जिससे रात की ठंड और बढ़ेगी। हालांकि, यह राहत अस्थाई है क्योंकि आसमान साफ होते ही धूप की तपिश महसूस होने लगेगी।
फरवरी में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की चेतावनी
Dehli IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, इस साल फरवरी का महीना सामान्य से कहीं अधिक गर्म रहने वाला है।
- तापमान का अनुमान: उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा।
- बारिश की कमी: उत्तर-पश्चिमी भारत (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा) में इस माह बारिश सामान्य से कम होने की आशंका है।
- शुष्क मौसम: दिसंबर और जनवरी में पश्चिमी विक्षोभ की कमी के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी देरी से हुई, जिसका असर अब मैदानी इलाकों में समय से पहले आने वाली गर्मी के रूप में दिखेगा।
रबी फसलों पर संकट और जलवायु परिवर्तन का साया
Dehli मौसम के इस बदलते मिजाज ने कृषि विशेषज्ञों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
- गेहूं की पैदावार पर असर: आईएमडी ने चेतावनी दी है कि तापमान में अचानक वृद्धि होने से गेहूं और जौ जैसी रबी फसलें समय से पहले पक सकती हैं। इससे दाने छोटे रह सकते हैं, जिससे पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है।
- ग्लोबल वार्मिंग: वैज्ञानिकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की कमी और मैदानी इलाकों में बढ़ता तापमान सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम है। इस शुष्क मौसम का असर आने वाले पूरे ग्रीष्मकाल पर देखने को मिल सकता है।





