BY
Yoganand Shrivastava
Union budget इस बजट का सीधा असर आपकी रसोई से लेकर आपकी जेब तक दिखने वाला है। सरकार ने विशेष रूप से स्वास्थ्य और मध्यम वर्ग के खर्चों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। आयात शुल्क में की गई कटौती से विदेशी तकनीक और जरूरी वस्तुओं के दाम कम होंगे।
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स्वास्थ्य और रसोई को संजीवनी: दवाइयां और खाद्य तेल सस्ते
Union budget सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने और घरेलू रसोई के बजट को नियंत्रित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं:
- जीवन रक्षक दवाइयां: कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर लगने वाले आयात शुल्क को घटा दिया गया है। इससे अस्पताल के खर्चों और दवाओं की कीमतों में गिरावट आएगी।
- खाद्य तेल (Edible Oil): बढ़ती महंगाई को देखते हुए, कच्चे खाद्य तेलों के आयात पर करों में रियायत दी गई है। इससे बाजार में सरसों, सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है।
डिजिटल इंडिया और गैजेट्स: मोबाइल पार्ट्स पर राहत
Union budget स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स का शौक रखने वालों के लिए यह बजट अच्छी खबर लेकर आया है:
- मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग: मोबाइल फोन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण पार्ट्स (जैसे कैमरा मॉड्यूल और पीसीबी) पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है।
- सस्ते होंगे फोन: इस कटौती के बाद भारत में मोबाइल फोन की असेंबली सस्ती होगी, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को कम कीमतों के रूप में मिलेगा। इसके साथ ही चार्जर और डेटा केबल जैसी एक्सेसरीज के दाम भी कम हो सकते हैं।
ग्रीन मोबिलिटी: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के घटेंगे दाम
Union budget पर्यावरण संरक्षण और ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को और अधिक किफायती बनाने का एलान किया है:
- बैटरी निर्माण: इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत का सबसे बड़ा हिस्सा उसकी बैटरी होती है। सरकार ने लिथियम-आयन सेल के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल पर शुल्क कम कर दिया है।
- EV का विस्तार: बैटरी सस्ती होने से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर की कीमतों में कमी आएगी। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि आम आदमी के लिए पेट्रोल-डीजल के खर्च से छुटकारा पाना और भी आसान हो जाएगा।





