BY
Yoganand Shrivastava
Vasai वसई के नौपाड़ा स्थित ‘बारकुल्या’ चॉल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सालों से बंद पड़ी एक पानी की टंकी के भीतर से मानव खोपड़ी और हड्डियां बरामद हुईं। यह घटना तब उजागर हुई जब पुरानी इमारत की मरम्मत के लिए टंकी को तोड़ा जा रहा था। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि ये अवशेष कितने पुराने हैं और टंकी के भीतर कैसे पहुँचे।
मरम्मत के दौरान हुआ खौफनाक खुलासा
Vasai नौपाड़ा की यह चॉल लगभग तीन दशक पुरानी है, जहाँ 10 से 15 परिवार निवास करते हैं। चॉल के परिसर में स्थित पानी की टंकी लंबे समय से अनुपयोगी थी और उसे बंद रखा गया था। रविवार सुबह जब मजदूरों ने निर्माण कार्य के लिए टंकी को तोड़ना शुरू किया, तो मलबे के बीच से अचानक मानव खोपड़ी और हाथ की हड्डियां बाहर निकलने लगीं। इस खौफनाक मंजर को देख काम रुकवा दिया गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
फॉरेंसिक जांच और साक्ष्यों का संकलन
Vasai सूचना मिलते ही मणिकपुर पुलिस की टीम फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुँची। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अवशेषों को कब्जे में लेकर डीएनए (DNA) जांच और उम्र का पता लगाने के लिए लैब भेज दिया है। पुलिस अब टंकी के बचे हुए मलबे में शरीर के अन्य हिस्सों की तलाश कर रही है। अवशेषों की स्थिति देखकर प्राथमिक तौर पर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये कई साल पुराने हो सकते हैं।
जांच के दायरे में हत्या और तंत्र-मंत्र की थ्योरी
Vasai इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस कई पहलुओं पर काम कर रही है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यह मामला अंधविश्वास या किसी तांत्रिक गतिविधि से जुड़ा हो सकता है। वहीं, पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि किसी की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को इस बंद टंकी में ठिकाने लगाया गया हो। पुलिस पिछले कुछ वर्षों में इलाके से लापता हुए लोगों की सूची खंगाल रही है ताकि अवशेषों की पहचान की जा सके।
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