Report: Vandna Rawat
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Lucknow इस वर्ष के बजट में उत्तर प्रदेश को केंद्र की ओर से विशेष प्राथमिकता दी गई है। केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश के औद्योगिक, शैक्षिक और तकनीकी विकास के लिए फंड का पिटारा खोल दिया गया है।
कनेक्टिविटी में क्रांति: हाई-स्पीड रेल और मेट्रो विस्तार
Lucknow उत्तर प्रदेश की रफ्तार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए परिवहन नेटवर्क पर भारी निवेश किया गया है:
- हाई-स्पीड रेल: दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-वाराणसी के बीच हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए बजट मंजूर किया गया है, जिससे यात्रा के समय में भारी कमी आएगी।
- मेट्रो प्रोजेक्ट्स: लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो के अगले चरणों के लिए ₹32,075 करोड़ का भारी-भरकम आवंटन किया गया है।
- एक्सप्रेसवे: गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार और औद्योगिक गलियारों के निर्माण के लिए ₹22,500 करोड़ के अतिरिक्त ऋण की व्यवस्था की गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: AIIMS, IIT और AI सिटी का संगम
Lucknow प्रदेश के युवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट में कई क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं:
- उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य: पश्चिमी उत्तर प्रदेश को नया AIIMS मिला है, वहीं बुंदेलखंड के युवाओं के लिए IIT की बड़ी सौगात दी गई है।
- भविष्य की तकनीक: लखनऊ में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिटी विकसित की जाएगी। साथ ही, जेवर एयरपोर्ट के समीप देश के पहले सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण पार्क को हरी झंडी दे दी गई है।
औद्योगिक और कृषि विकास: ग्लोबल एक्सपोर्ट का नया हब
Lucknow उत्तर प्रदेश को वैश्विक निर्यात का केंद्र बनाने के लिए बुनियादी बदलाव किए गए हैं:
- औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब: प्रयागराज में नए औद्योगिक नोड के लिए विशेष फंड जारी हुआ है, जबकि वाराणसी में एक एकीकृत लॉजिस्टिक हब तैयार किया जाएगा।
- एग्री-एक्सपोर्ट जोन: कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हापुड़ और सहारनपुर में एग्री-एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों के उत्पादों की पहुँच सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक होगी।





