BY
Yoganand Shrivastava
Dehli साल 2023 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने वाले 7 भारतीय नागरिकों के लिए आज का दिन खुशियों भरा रहा। पाकिस्तान ने मानवीय आधार पर इन सभी को अटारी-वाघा सीमा के जरिए भारत को सौंप दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच नागरिक कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया के तहत उठाया गया है।
मवेशियों को बचाने की कोशिश में पार की थी सरहद
Dehli वापस लौटे इन नागरिकों की कहानी बेहद हृदयविदारक है। साल 2023 में जब पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में भीषण बाढ़ आई थी, तब ये लोग अपने मवेशियों (जानवरों) को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास कर रहे थे। पानी के तेज बहाव और दिशा का अंदाजा न होने के कारण ये अनजाने में पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश कर गए, जहाँ उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। लगभग डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद अब उनकी घर वापसी मुमकिन हो पाई है।
सुरक्षा बलों ने पूरी की कागजी औपचारिकताएं
Dehli शनिवार को पाकिस्तानी रेंजर्स ने इन सातों भारतीयों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले किया। अटारी बॉर्डर के प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि पाकिस्तान से रिहाई का आदेश मिलने के बाद इन्हें तुरंत इमिग्रेशन और कस्टम्स ऑफिस लाया गया। यहाँ चिकित्सा जांच और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन्हें इनके परिजनों के पास भेजने की तैयारी की गई। वापस लौटे लोगों में 4 फिरोजपुर के, 1 जालंधर, 1 लुधियाना और 1 उत्तर प्रदेश का निवासी है।
कैदियों की रिहाई के लिए भारत के निरंतर प्रयास
Dehli यह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे कैदियों के आदान-प्रदान का हिस्सा है। इससे पहले जनवरी में भारत ने भी एक पाकिस्तानी नागरिक हाफिज मुहम्मद अबू बकर को वापस भेजा था। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय लगातार पाकिस्तान पर दबाव बना रहे हैं कि वहां की जेलों में बंद भारतीय मछुआरों और उन नागरिक कैदियों को जल्द रिहा किया जाए, जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं या मानवीय भूल के कारण सीमा पार कर गए थे।
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