रिपोर्टर–राघवेन्द्र सिंह
Unnao उन्नाव की हसनगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत मोहान में उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक सैकड़ों वर्ष पुराने शिव मंदिर और बरगद के पेड़ के चबूतरा निर्माण को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा।
मंदिर बनाम प्लाटिंग: रास्ते को लेकर उपजा विवाद
Unnao विवाद की मुख्य जड़ मंदिर के पीछे की जमीन पर हो रही प्लाटिंग बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मुन्ना जागा और परवेज ने मंदिर के पीछे सत्रह बिस्वा जमीन खरीदी है। दूसरे पक्ष के पैरोकार अनिल यादव का आरोप है कि ये लोग अपनी प्लाटिंग के रास्ते के लिए मंदिर की भूमि का अतिक्रमण करना चाहते हैं और जबरन रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं। अनिल यादव का दावा है कि वे मंदिर की इस भूमि को लेकर पूर्व में कानूनी लड़ाई भी जीत चुके हैं।

कब्रिस्तान की भूमि बताकर निर्माण का विरोध
Unnao वहीं, दूसरे पक्ष (मुन्ना जागा आदि) का तर्क इसके बिल्कुल विपरीत है। उनकी ओर से दावा किया जा रहा है कि संबंधित जगह कब्रिस्तान की जमीन है, जिसे खाली करवाया जाना चाहिए। इसी दावे और प्रतिदावे के बीच चबूतरा निर्माण का कार्य रोकने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। अनिल यादव ने आरोप लगाया कि जानबूझकर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन की दखल और पैमाइश के आदेश
Unnao मामला गरमाता देख नायब तहसीलदार प्रीति, मोहान चेयरमैन समरजीत यादव और लेखपाल राहुल यादव के साथ मौके पर पहुँचीं। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य को तुरंत रुकवा दिया। नायब तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा, जो जमीन की पैमाइश (नपाई) करेगी। जब तक जमीन का मालिकाना हक स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक यथास्थिति बनी रहेगी।





