रिपोर्ट: निज़ाम अली
Pilibhit पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील अंतर्गत घाटमपुर क्षेत्र में गौवंश संरक्षण के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। संगम मैरिज हॉल के सामने हाईवे पर एक घायल गाय घंटों तड़पती रही, लेकिन प्रशासनिक तंत्र की ओर से कोई मदद न मिलने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सड़क पर तड़पता गौवंश, ग्रामीणों में आक्रोश
Pilibhit घाटमपुर संगम मैरिज हॉल के पास हाईवे पर एक गौवंश गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गाय दर्द से कराह रही थी, लेकिन सूचना देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी या ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। इस संवेदनहीनता को देख कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने मौके पर ही हंगामा शुरू कर दिया।
ग्राम प्रधान और सचिव पर लापरवाही के आरोप
Pilibhit हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस पूरी घटना के लिए ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बार-बार शिकायत और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में गौवंश की स्थिति दयनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं के बावजूद धरातल पर घायल पशुओं के उपचार और संरक्षण के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है।
शिवम भदोरिया ने कराया उपचार, प्रशासन को चेतावनी
Pilibhit हंगामे की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता और हिंदू नेता शिवम भदोरिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने न केवल घायल गाय के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की, बल्कि वहां मौजूद लोगों से गौवंश संरक्षण की अपील भी की। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए मांग की कि लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा हिंदू संगठन बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे।





