Edit by: Priyanshi Soni
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में MSME सेक्टर के लिए एक बड़े पैकेज की घोषणा की है, जिससे छोटे, सूक्ष्म और उभरते उद्योगों को सीधा सहारा मिलेगा। बजट का सबसे बड़ा ऐलान 10,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता वाली विकास निधि है। सरकार का उद्देश्य इसके जरिए “चैंपियन MSME” तैयार करना है- यानी ऐसे छोटे उद्योग जो भविष्य में बड़े निर्यातक बनें और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करें।
Budget 2026: माइक्रो यूनिट्स के लिए ₹2,000 करोड़ का टॉप-अप फंड

सूक्ष्म उद्योगों (माइक्रो यूनिट्स) को राहत देने के लिए सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप फंड दिया है। इससे बहुत छोटे कारोबारियों को पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी, खासकर उन उद्यमियों को जो कारोबार विस्तार करना चाहते हैं लेकिन बैंक लोन पाने में कठिनाई का सामना करते हैं। इसके अलावा, नकदी संकट से जूझ रहे छोटे व्यापार और ट्रेड सेक्टर के लिए चार अलग-अलग उपायों के तहत कैश सपोर्ट की भी घोषणा की गई है।
Budget 2026: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को ₹40,000 करोड़ का बड़ा प्रावधान
देश में मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट सेक्टर को 40,000 करोड़ रुपये का बड़ा बजटीय प्रावधान मिला है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनियों, उनकी सप्लाई चेन और नई फैक्ट्रियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
Budget 2026: 3 राज्यों में बनेंगे डेडिकेटेड मिनरल पार्क
सेमीकंडक्टर मिशन के तहत घरेलू उत्पादन, भारतीय बौद्धिक संपदा (IP) और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके तहत रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड मिनरल पार्क बनाए जाएंगे। इससे खनन, प्रोसेसिंग और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को दीर्घकालिक फायदा मिलेगा और भारत की औद्योगिक क्षमता मजबूत होगी।
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