Vijay Nandan (वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल एडिटर)
Budget Session 2026 : नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ हुई। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने रक्षा, व्यापार और विकास समेत कई क्षेत्रों में भारत की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के साथ भारत 21वीं सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। राष्ट्रपति के अनुसार, इस सदी के पहले 25 साल देश के लिए उपलब्धियों, गर्व और महत्वपूर्ण अनुभवों से भरे रहे हैं।

Budget Session 2026 : राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि बीते 10–11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी बुनियाद को मज़बूत किया है और यह वर्ष ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम आधार साबित होगा।

#WATCH | Budget session | President Droupadi Murmu says, "Gurudev Rabindranath Tagore had said that independence is incomplete until a self-reliant life is lived. Towards making India 'aatmanirbhar', my government is making continuous and concrete steps. Today, the products made… pic.twitter.com/MDqRvzDj0M
— ANI (@ANI) January 28, 2026
Budget Session 2026 : ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून’ का उल्लेख होते ही विपक्ष की नारेबाजी
Budget Session 2026 : हालांकि, अभिभाषण के दौरान सदन में कुछ समय के लिए व्यवधान भी देखने को मिला। जब राष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून’ का उल्लेख किया, तभी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। राष्ट्रपति ने बताया कि यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों और विकास को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इसी पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताते हुए नारे लगाए।

Budget Session 2026 : नारेबाजी के दौरान एनडीए समर्थक सांसदों ने मेज थपथपाकर राष्ट्रपति के अभिभाषण और प्रस्तावित कानून का समर्थन किया। वहीं विपक्षी सांसद “वापस लो, वापस लो” जैसे नारे लगाते रहे। कुछ मिनटों बाद हंगामा शांत हुआ और राष्ट्रपति का अभिभाषण आगे जारी रहा।
राष्ट्रपति ने भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक मजबूती को लेकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया ने भारतीय सेना का साहस और पराक्रम देखा है। इस अभियान में आतंकी ठिकानों को प्रभावी ढंग से नष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि मिशन सुदर्शन चक्र पर भी कार्य प्रगति पर है, जो देश की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
Budget Session 2026 : नई पीढ़ी को इतिहास से जुड़ने और प्रेरणा लेने का अवसर दिया
Budget Session 2026 : राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के दिनों में देश ने अपने महान पूर्वजों और राष्ट्रीय नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती जैसे आयोजनों ने नई पीढ़ी को इतिहास से जुड़ने और प्रेरणा लेने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों के बलिदान और योगदान को याद करना विकसित भारत की दिशा में हमारी गति को और तेज करता है।
Budget Session 2026 : वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज की दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है और दशकों पुराने समीकरण बदल रहे हैं। इसके बावजूद भारत लगातार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे भारत की दूरदर्शी विदेश नीति का परिणाम बताया। राष्ट्रपति के अनुसार, वैश्विक समुदाय भारत पर भरोसा करता है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत एक सेतु के रूप में उभर रहा है। भारत ने मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त रूप से सामने रखा है, साथ ही पारंपरिक साझेदारियों को मजबूत करते हुए नए संबंध भी स्थापित किए हैं।
Budget Session 2026 : विकास और तकनीक पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश में इस समय 150 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही भारत अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को गति मिलेगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

Budget Session 2026 : क्या है जी राम जी कानून?
गौरतलब है कि पिछले संसद सत्र में केंद्र सरकार मनरेगा के स्थान पर यह नया कानून लेकर आई थी। विपक्ष का विरोध मुख्य रूप से दो कारणों से है. पहला, कानून के नाम में महात्मा गांधी का उल्लेख नहीं होना और दूसरा, इसके वित्तीय भार का एक हिस्सा राज्यों पर डाले जाने को लेकर आपत्ति।





