Report by: Vaibhav Choudhary, Edit by: Priyanshi Soni
Naxal Surrender : नक्सल उन्मूलन की दिशा में धमतरी जिले को बड़ी कामयाबी मिली है। धमतरी स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कुल 9 नक्सलियों ने हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह आत्मसमर्पण रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के समक्ष संपन्न हुआ।
Naxal Surrender: 47 लाख के इनामी नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

आत्मसमर्पण करने वाले इन 9 नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें दो महिला नक्सली 8-8 लाख रुपये की इनामी, जबकि एक पुरुष नक्सली 5 लाख रुपये का इनामी शामिल है। शेष नक्सली भी कई गंभीर मामलों में वांछित रहे हैं।
भौगोलिक दृष्टि से देखें तो आत्मसमर्पण करने वालों में धमतरी–नुआपड़ा क्षेत्र के 5 और आंध्र प्रदेश से जुड़े 4 नक्सली शामिल हैं। इनमें डिविजनल कमेटी मेंबर सहित बड़े कैडर के नक्सलियों का आत्मसमर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
Naxal Surrender: पुनर्वास नीति से बढ़ा भरोसा, रायपुर संभाग नक्सल मुक्त होने की ओर
आत्मसमर्पण के बाद आईजी अमरेश मिश्रा ने तालियां बजाकर नक्सलियों का स्वागत किया और कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सलियों को नया जीवन शुरू करने का अवसर दे रही है। इसी नीति से प्रेरित होकर लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

आत्मसमर्पण करने वालों में ज्योति उर्फ जैनी, उषा उर्फ बलमा, रामदास उर्फ आयता, रोनी उर्फ उमा, निरंजन उर्फ पोदिया, सिंधु उर्फ सोमडी, रीना उर्फ चिरो, अमाली उर्फ सन्नी और लक्ष्मी पुनेम उर्फ आरती शामिल हैं। सभी ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को नियमानुसार पुनर्वास, सुरक्षा और रोजगार से जोड़ा जाएगा, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। इस घटनाक्रम के बाद रायपुर संभाग को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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