Mumbai : अबू सलेम को 14 दिन की पैरोल नहीं, महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट में कहा – केवल दो दिन की अनुमति संभव

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कोर्ट में पैरोल याचिका और सरकार का रुख
Mumbai : नासिक जेल में सजा काट रहे गैंगस्टर अबू सलेम ने बंबई हाईकोर्ट से अपने बड़े भाई की मृत्यु के कारण 14 दिन की आपातकालीन पैरोल मांगी थी, ताकि वह उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित अपने गांव जा सके। महाराष्ट्र सरकार ने अदालत को बताया कि सलेम एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी है और उसे सुरक्षा व्यवस्था के तहत केवल दो दिन की आपातकालीन पैरोल ही दी जा सकती है। लोक अभियोजक मनखुवर देशमुख ने अदालत को बताया कि जेल प्रशासन ने भी यही समय सीमा सुझाई है, और पैरोल के दौरान सुरक्षा खर्च सलेम को स्वयं वहन करना होगा।

वकील का तर्क और सुरक्षा का विवाद
Mumbai सलेम की वकील फरहाना शाह ने अदालत में तर्क दिया कि दो दिन की पैरोल पर्याप्त नहीं है क्योंकि सलेम को आजमगढ़ जाने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अबू सलेम भारतीय नागरिक हैं और पिछले दो दशकों से जेल में हैं। वकील ने आपात पैरोल की मांग को मानवीय आधार पर उचित ठहराया।

सुनवाई की स्थिति और पिछली याचिकाएँ
Mumbai न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम चंडक की बेंच ने महाराष्ट्र सरकार को सलेम को 14 दिन की पैरोल देने से जुड़ी चिंताओं की जानकारी हलफनामे के रूप में पेश करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि सलेम ने पिछले साल भी अपने भाई की मृत्यु के कारण पैरोल मांगी थी, लेकिन जेल अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया था। अबू सलेम नवंबर 2005 से जेल में बंद हैं और उन्हें केवल अपनी मां और सौतेली मां की मृत्यु पर ही कुछ दिन की पैरोल मिली थी।

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